प्रिंस कुमार, अररिया: Araria News किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और उनकी पारदर्शी डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए चल रहे ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान का जायजा लेने आज राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (बिहार) के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल अररिया पहुंचे। उन्होंने जिले की विभिन्न पंचायतों में आयोजित विशेष कैंपों का निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों का गहन अनुश्रवण किया।
कैंपों की व्यवस्था और सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अपर सचिव ने सीधे कैंपों में जाकर किसानों के ई-केवाईसी कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने वहां मौजूद सुविधाओं और किसानों को मिल रही तकनीकी सहायता की समीक्षा की। डॉ. महेंद्र पाल ने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरी तरह सुचारु और समयबद्ध होना चाहिए। उन्होंने जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से इन कैंपों का फील्ड विजिट करें ताकि पंजीकरण कार्य में कोई तकनीकी बाधा न आए।
‘फार्मर आईडी’ से दूर होगी बिचौलियों की बाधा
अपर सचिव ने किसानों को इस डिजिटल पहचान पत्र (फार्मर रजिस्ट्री) के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इससे प्रत्येक किसान को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिससे सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान और त्वरित होगी। इस प्रणाली से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा और धांधली की गुंजाइश खत्म होगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के निरंतर लाभ के लिए ई-केवाईसी और किसान पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है।
“कोई भी पात्र किसान न छूटे”
अपर सचिव ने संबंधित कर्मियों को हिदायत दी कि वे पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक किसानों को जागरूक करें। उनका लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र किसान सूचना के अभाव में इस डिजिटल रजिस्ट्री से वंचित न रह जाए। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और राजस्व विभाग के कर्मी भी मौजूद रहे।



