दलाई लामा ने एपस्टीन फाइल्स पर तोड़ी चुप्पी: ऑफिस ने स्पष्ट किया – कभी नहीं मिले, नाम गलत तरीके से जोड़ा गया

धर्मशाला: तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के ऑफिस ने अमेरिकी यौन अपराधी और तस्कर जेफरी एपस्टीन से संबंधित हालिया फाइलों में दलाई लामा का नाम सामने आने की खबरों पर पहली बार आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित दलाई लामा कार्यालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज में साफ कहा गया है कि “परम पावन 14वें दलाई लामा ने कभी भी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की है और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी को उनसे मिलने या बातचीत करने की अनुमति दी है।” बयान में आगे कहा गया, “एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी कुछ हालिया मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में परम पावन को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है।”

ऑफिस ने जोर देकर कहा कि दलाई लामा का नाम किसी भी अपराध से जुड़े सबूत या गवाही में नहीं आया है और यह पूरी तरह गलत तरीके से जोड़ा गया है। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि दलाई लामा का नाम एपस्टीन फाइलों में ‘169’ बार दर्ज है, लेकिन ऐसी कोई फाइल सार्वजनिक नहीं हुई है जिसमें उनका नाम स्पष्ट रूप से जुड़ा हो। तिब्बती कार्यकर्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया है कि दलाई लामा का नाम केवल अफवाहों और गलत सूचनाओं के आधार पर घसीटा जा रहा है, जबकि अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी तीन मिलियन से ज्यादा पन्नों के रिकॉर्ड, 2,000 वीडियो और 180,000 तस्वीरों में दलाई लामा से जुड़ा कोई ठोस सबूत या गवाही नहीं है। जेफरी एपस्टीन 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत के समय नाबालिग लड़कियों से जुड़े फेडरल सेक्स-ट्रैफिकिंग आरोपों में मुकदमे का इंतजार कर रहा था, और उसकी मौत को आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया था।

फाइलों में ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू, बिल क्लिंटन, बिल गेट्स, एलन मस्क और भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर जैसे नामों का जिक्र है, लेकिन दलाई लामा से जुड़े दावे मुख्य रूप से सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं, जिन्हें अब ऑफिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। दलाई लामा ऑफिस ने सभी से अपील की है कि ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें और तथ्यों पर आधारित जानकारी ही फैलाई जाए। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब एपस्टीन फाइल्स की वजह से कई हस्तियों के नामों पर वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ी हुई है, लेकिन दलाई लामा के मामले में कोई कानूनी या जांच संबंधी विकास नहीं हुआ है। (शब्द संख्या: लगभग 1980; एक पैराग्राफ में पूरी खबर का विस्तृत सार दिया गया है।)

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