विधि संवाददाता पूर्णिया: जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यकम आरंभ किया गया। नालसा (ASHA- Awareness, Support, Help and Action) मानक संचालन प्रकिया-बाल विवाह से मुक्ति की ओर अग्रसर, 2025 के कार्यान्वयन हेतु बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश के आलोक में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय कार्य योजना के अन्तर्गत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया कन्हैया जी चौधरी के निर्देशानुसार 09 जनवरी 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्णिया के प्रशिक्षण हॉल में उपस्थित पारा विधिक स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार, लीगल एड डीफेन्स कॉन्सिल के चीफ ओमप्रकाश पासवान, पैनल अधिवक्ता श्रीमती रूबी कुमारी एवं सुष्मिता कुमारी तथा जिला समन्वयक / बाल सुरक्षा सहयोगी, एसोसिएसन फॉर वालेन्ट्री एक्सन, पूर्णिया (एन०जी०ओ०) संतोष कुमार दास उपस्थित थे। उपस्थित सभी गणमान्य के द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संबंध में पारा विधिक स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, बाल विवाह के लिए किसे दंडित किया जा सकता है, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी कौन होते हैं, बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं अन्य दिशा-निर्देश के बारे में विस्तार से बताया गया।
सचिव महोदय के द्वारा यह भी बताया गया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत आंगनबाड़ी वर्कर एवं आशा वर्कर को प्रशिक्षित करने हेतु 12 जनवरी 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (व्यवहार न्यायालय परिसर), पूर्णिया के प्रशिक्षण हॉल में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक को प्रशिक्षण दिया जाएगा।



