अररिया, प्रिंस कुमार: बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के तहत संचालित “सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को समाहरणालय स्थित आत्मन सभागार में जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन की अध्यक्षता में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुना और उनके समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों की रही प्रधानता
जनता दरबार में कुल 08 परिवादियों ने अपनी शिकायतें पेश कीं। प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग से संबंधित रहे। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निष्पादन समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
इन प्रमुख शिकायतों पर हुई सुनवाई:
जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी गंभीर समस्याएं रखीं: अतिक्रमण: अब्दुश सत्तार ने बिहार सरकार की जमीन पर अतिक्रमण कर रास्ता बंद किए जाने की शिकायत की। फर्जीवाड़ा: मकसूद खातून द्वारा फर्जी बिक्री विलेख (Sale Deed) के जरिए जमीन हड़पने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। जबरन कब्जा: शेख बशीरुद्दीन ने अपनी जमीन पर जबरन कब्जा कर स्थायी मकान निर्माण किए जाने का मामला उठाया। दबावपूर्ण कार्य: मनोज साह ने नामांतरण वाद (Mutation) में सहमति पत्र पर जबरन हस्ताक्षर कराए जाने का आरोप लगाया।
मौके पर ही मिला कई मामलों का समाधान
जिला पदाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश करते हुए भूमि विवाद से जुड़े कई मामलों को अपर समाहर्ता के माध्यम से तत्काल निष्पादित कराया, जिससे कई परिवादियों को मौके पर ही राहत मिली। शेष मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए संबंधित अंचल व प्रमंडल स्तर के अधिकारियों को फाइलें अग्रसारित कर दी गई हैं।



