स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए PMEGP, PMFME और विश्वकर्मा योजना पर विशेष फोकस
अररिया, प्रिंस कुमार: जिले में स्वरोजगार को गति देने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में उद्योग विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों की स्थिति पर गहन चर्चा की गई और उनके शीघ्र निष्पादन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि कई योग्य लाभार्थियों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित हैं, जिस पर उन्होंने असंतोष जताया। बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP-I एवं II), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण आवेदनों की बारीकी से समीक्षा की गई। इन योजनाओं का उद्देश्य जिले में नए उद्यम स्थापित करना, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देना तथा पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
डीएम ने अग्रणी बैंक प्रबंधक (LDM) एवं सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कहा कि यदि किसी आवेदन में कोई कमी या त्रुटि है, तो उसकी जानकारी तुरंत आवेदक को दी जाए, ताकि सुधार के बाद ऋण स्वीकृत किया जा सके। उन्होंने अकारण आवेदन रद्द करने की प्रवृत्ति से बचने की भी हिदायत दी।
बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, अग्रणी बैंक प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में स्वरोजगार और आर्थिक विकास को मजबूती देने का आह्वान किया।



