पूर्णिया: Purnea News दिनांक 10 जनवरी, 2026 को भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया में मखाना एवं अन्य कृषि गतिविधियों पर चर्चा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नर्मदेश्वर लाल, प्रधान सचिव, कृषि विभाग बिहार सरकार, डॉ॰ डी॰ आर॰ सिंह, कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, संतोष कुमार उत्तम, पी॰पी॰एम॰ कृषि विभाग पटना, डॉ॰ राजेश कुमार, उप निदेशक प्रशासन सह विश्वविद्यालय सम्पर्क पदाधिकारी, डॉ॰ श्वेता शांभवी निदेशक छात्र कल्याण, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर एवं कृषि विभाग बिहार सरकार के अन्य पदाधिकारीगण ने भाग लिया। कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ, शॉल एवं मखाना का माला से किया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि प्रधान सचिव, महाविद्यालय के वैज्ञानिकगण, शिक्षकेत्तर कर्मीगण एवं छात्र-छात्राओं को प्रधान सचिव ने महाविद्यालय के सभागार में संबोधित किया। महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य डॉ॰ डी॰ के॰ महतो ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का स्वागत किया तथा उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रांगण के नवग्रह वाटिका का शुभारंभ एवं सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का सफल परीक्षण प्रधान कृषि सचिव के द्वारा करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कुलपति डॉ॰ डी॰ आर॰ सिंह ने अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रधान सचिव कृषि विभाग बिहार सरकार के समक्ष बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर अन्तर्गत अनुसांगिक कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रों,ें अनुसंधान, प्रसार शिक्षा आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षक/वैज्ञानिकों तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े हर्ष की बात है कि प्रधान कृषि सचिव का आगमन सबसे पहले भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया में हुआ है।
इस मौके पर उन्होंने मुख्य अतिथि का आभार जताते हुए नववर्ष की शुभकामनाएँ व्यक्त की। कुलपति ने कहा कि मखाना को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर खासकर भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया का अग्रणी भूमिका रहा है। मखाना की उत्पत्ति स्थल बिहार है, यह सुपर फुड ही नहीं अब ग्लोबल सुपर फुड हो गया है। इसका विस्तार वैश्विक स्तर पर तेजी से हो रहा है। मखाना का भौगोलिक सूचकांक (जी॰आई॰टैग) प्राप्त होने तथा सबौर मखाना-1 विकसित होने से इसका क्षेत्र विस्तार दूसरे राज्य जैसे झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल आदि में हो रहा है। उन्होंने निदेशक, अनुसंधान डॉ॰ अनिल कुमार सिंह एवं समस्त टीम को बधाई दिया। कुलपति ने प्रधान कृषि सचिव के समक्ष आग्रह किया कि अलग से मखाना अनुसंधान केन्द्र्र स्थापित करने की जरूरत है, जिससे मखाना के क्षेत्र में तीव्र गति से अनुसंधान एवं नवाचार हो सके।
इस अवसर पर उन्होंने मखाना हार्वेस्टिंग मशीन विकसित करने वाले वैज्ञानिकों की टीम डॉ॰ डी॰ के॰ महतो, ईं॰ मनीष कुमार, ईं॰ मोहन कुमार सिन्हा, डॉ॰ आशीष रंजन को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस मशीन के विकसित होने से लगभग पाँच लाख मखाना कृषकों को बुहराई लागत कम हो जाएगी तथी उनकी आय में अधिक लाभ होगी। इस अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर में दिनांक 7-9 फरवरी, 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय किसान मेला का प्रोमो विडियो तथा महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तिका/अभिलेखों का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा विशिष्ट अतिथियों के समक्ष किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि मखाने की खेती अब तालाब से लेकर खेतों में भी हो रही है। मखाना के क्षेत्र में वैज्ञानिक, शोधकर्ताओं के कार्यों की सराहना की तथा कहा कि मखाना विकास में सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्य अतिथि ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पढ़़ाई के साथ साथ स्वास्थ्य एवं खेल-कूद पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के मुख्य वैज्ञानिक, डॉ॰ जनार्दन प्रसाद, डॉ॰ रणवीर कुमार, वरीय, डॉ॰ राजकुमार साह, डॉ॰ सुमन कल्याणी, डॉ॰ मणिभूषण ठाकुर, डॉ॰ अनिल कुमार, डॉ॰ तपन गोरई, डॉ॰ एस॰आर॰पी॰ सिंह, डॉ॰ एन॰ के॰ शर्मा, डॉ॰ एस॰ दिवाकर, डॉ॰ अनुपम कुमारी, डॉ॰ जय प्रकाश प्रसाद, मंच संचालक डॉ॰ रूबी साहा, डॉ॰ माचा उदय कुमार, डॉ॰ कंचन भामिनी, डॉ॰ अभिनव कुमार, डॉ॰ शुभ लक्ष्मी, डॉ॰ बिभा कुमारी, डॉ॰ मीनू मोहन, मो॰ जाकिर हुसैन, डॉ॰ प्रीति सुन्दरम, डॉ॰ आशीष चौरसिया, डॉ॰ चुन्नी कुमारी, श्रीमती स्नेहा, डॉ॰ बाल कृष्ण, अमरेन्द्र कुमार, डॉ॰ चेतना सीके तथा कर्मचारियों में बिनोद झा, नवीन लकड़ा, श्रवण कुमार, जयदीप कुमार, सुनील कुमार, चन्द्रमणि, गजेन्द्र मंडल, दिलीप, अनुपम, प्रीतम, सुमित, मिट्ठु, लियाकत, उपेन्द्र आदि उपस्थित थे।



