Maduro की गिरफ्तारी पर उठा अंतरराष्ट्रीय कानून का सवाल, अमेरिकी कार्रवाई पर बहस तेज

नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस Maduro और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यूयॉर्क की दक्षिणी जिला फेडरल कोर्ट में पेश किए जाने की खबर ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।

अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, दोनों को सहआरोपी बनाकर ऐसे मामलों में घेरा गया है जिनमें अधिकतम सजा उम्रकैद तक हो सकती है, जबकि कानूनी जानकार और राजनीतिक विश्लेषक इसे अंतरराष्ट्रीय कानून की भावना के खिलाफ बता रहे हैं। उनका तर्क है कि किसी मौजूदा या हालिया राष्ट्राध्यक्ष को दूसरे देश की अदालत में अपराधी की तरह पेश करना नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को कमजोर करता है।

आलोचकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका पर दूसरे देशों में सत्ता परिवर्तन या नेताओं को हटाने की कोशिशों के आरोप लगे हों—ईरान, ग्वाटेमाला और चिली जैसे ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला देते हुए वे इसे अमेरिकी विदेश नीति के लंबे पैटर्न से जोड़ रहे हैं।

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