लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं और पार्टी ने इसकी शुरुआत नोएडा के दादरी से करने का फैसला किया है, जहां 29 मार्च को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ‘समाजवादी समानता भाईचारा रैली’ का शुभारंभ करेंगे। इस रैली के बाद प्रदेश के सभी जिलों में इसी तर्ज पर रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिसकी जिम्मेदारी सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी संभाल रहे हैं; पार्टी का मानना है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन यहां संगठन को मजबूत करने से चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है और 2022 में हारी हुई सीटों पर वापसी संभव है। सपा ने रैलियों के साथ-साथ उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी है, जिसमें जातीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और एसआईआर (स्पेशल इंटेलिजेंस रिपोर्ट) में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
पार्टी हर सीट पर सर्वे करा रही है ताकि स्वीकार्यता वाले प्रत्याशी चुने जा सकें। पार्टी के वरिष्ठ नेता इसे ‘शुभ संकेत’ मान रहे हैं, क्योंकि 2012 में अखिलेश यादव ने गौतमबुद्धनगर से साइकिल यात्रा शुरू की थी और उसी साल सपा को पूर्ण बहुमत मिला था; हालांकि 2017 और 2022 में अखिलेश ने नोएडा से अभियान नहीं शुरू किया और सत्ता हासिल नहीं कर सके, जिसके पीछे नोएडा का पुराना राजनीतिक मिथक भी है कि यहां जाने वाला मुख्यमंत्री छह महीने में कुर्सी गंवा देता है। सपा अब इस मिथक को तोड़ने और क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां भाजपा का दबदबा रहा है लेकिन सपा को यादव-मुस्लिम समीकरण के साथ ब्राह्मण-क्षत्रिय वोट बैंक साधने की रणनीति अपनानी होगी।
दादरी से रैली शुरू करना पार्टी की रणनीति का हिस्सा है ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत संदेश दिया जा सके और 2027 में सत्ता वापसी का आधार तैयार हो; पार्टी का फोकस उन विधानसभा क्षेत्रों पर है जहां 2022 में हार मिली थी और अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जरूरत है। यह रैली न केवल चुनावी अभियान की शुरुआत होगी, बल्कि सपा की ‘समानता और भाईचारा’ की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगी, जिससे पार्टी सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के मुद्दों को फिर से जोरदार तरीके से उठा सके। कुल मिलाकर सपा ने 2027 के लिए दादरी से चुनावी बिगुल फूंककर पश्चिमी यूपी में अपनी वापसी की मजबूत शुरुआत कर दी है और आने वाले महीनों में रैलियों का सिलसिला प्रदेश भर में जारी रहेगा।



