सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई पूर्णिया विश्वविद्यालय की छठी सीनेट बैठक

₹3.38 अरब से अधिक के बजट को संशोधन के साथ स्वीकृति, समर्थ पोर्टल, शैक्षणिक सुधारों और छात्र मुद्दों पर रहा विशेष फोकस

पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया की छठी सीनेट बैठक शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और संवादपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह ने की। उल्लेखनीय है कि महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति द्वारा सीनेट बैठक की अध्यक्षता के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया था, जिसके लिए कुलपति ने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया। सीनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा विश्वविद्यालय के प्रस्तावित बजट पर चर्चा रहा। वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तुत 3 अरब 38 करोड़ 50 लाख 90 हजार 953 रुपये के बजट पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

सरकार के प्रतिनिधि, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. एन. के. अग्रवाल एवं उपस्थित सीनेट सदस्यों द्वारा आवश्यक संशोधनों के सुझाव दिए गए, जिसके बाद संशोधन के साथ बजट को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। साथ ही यह निर्देश भी दिया गया कि संशोधित बजट प्रस्ताव को शीघ्र बिहार सरकार को समर्पित किया जाए। बैठक के दौरान कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने स्वागत उद्बोधन के साथ 22 जनवरी 2025 से 30 जनवरी 2026 तक विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है और बिहार का पहला विश्वविद्यालय बना है, जिसने समर्थ एडमिशन मॉडल को पूरी तरह सफलतापूर्वक लागू किया है।

कुलपति ने जानकारी दी कि स्नातक सत्र 2025–2029 के लिए सीबीसीएस आधारित प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन समर्थ पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई गई। वहीं पीजी सत्र 2025–2027 की प्रवेश प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त पीएचडी प्रवेश परीक्षा (पीएटी) 2024 एवं 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में समर्थ पोर्टल के माध्यम से वेतन प्रबंधन, पेंशन प्रबंधन सहित अन्य मॉड्यूल्स को पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यूजीसी, नई दिल्ली के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय में एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) को लागू कर दिया गया है। सीबीसी पाठ्यक्रमों में नामांकित लगभग 97,993 विद्यार्थियों का एबीसी आईडी जेनरेट किया जा चुका है।

साथ ही बिहार सरकार एवं यूजीसी के निर्देश पर विश्वविद्यालय में नेट और डिजिलॉकर की स्थापना की गई है, जो वर्तमान में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कुलपति ने परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, प्लेसमेंट सेल की गतिविधियों, शोध एवं प्रकाशन, अंगीभूत महाविद्यालयों में सहायक शिक्षक, अतिथि शिक्षक, प्रधानाचार्य एवं कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित प्रगति पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा सीमांत लाभ, वेतन निर्धारण, शुल्क प्रतिपूर्ति, पाठ्यक्रम स्वीकृति एवं चुनाव संबंधी कार्यों की भी जानकारी दी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने पूर्णिया विश्वविद्यालय को राज्य और देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में स्थापित करने का संकल्प दोहराया।

सीनेट बैठक में कुल 45 सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने विश्वविद्यालय से जुड़े कई अहम मुद्दों को मजबूती से रखा। विधान परिषद सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बजट में व्यावहारिक कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए सुधार की मांग की। सदस्य रजनीश रंजन ने समर्थ पोर्टल, यूएमआईएस, नामांकन प्रक्रिया, परीक्षा विभाग, शिक्षक-कर्मचारी समस्याओं एवं पीजी में खाली सीटों का मुद्दा उठाया। सीनेट सदस्य श्रीमती नूतन रानी ने पेंशन भुगतान एवं रंगभूमि मैदान के विकास का विषय उठाया। श्री रितेश कुमार यादव ने मारवाड़ी कॉलेज एवं एमएचएनडी कॉलेज से जुड़े मामलों को सदन के समक्ष रखा। प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित समस्याओं पर ध्यान दिलाया।

डॉ. जावेद ने कॉलेजों के नाम उर्दू भाषा में लिखे जाने, मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों के हॉल्टेज बढ़ाने एवं कॉपी जांच की दर में वृद्धि की मांग की। वहीं सीनेट सदस्य टनटन ठाकुर ने पीजी सत्र 2025–2027 में सीटें खाली रहने, बीएड शिक्षकों के वेतन में वृद्धि, अनुकंपा नियुक्ति तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान का मुद्दा उठाया। सीनेट सदस्य श्री शिवशंकर सरकार ने पीजी की सभी सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, कुछ महाविद्यालयों को आदर्श कॉलेज के रूप में विकसित करने, एसडी लॉ कॉलेज कटिहार में नामांकन प्रारंभ करने, एमजीएम महिला कॉलेज में साइंस एवं कॉमर्स की पढ़ाई शुरू करने तथा नए शिक्षकों का एक वर्ष के भीतर सर्विस कंफर्मेशन करने की मांग रखी।

बैठक में उपस्थित उच्च शिक्षा निदेशक, बिहार सरकार, डॉ. एन. के. अग्रवाल ने कहा कि पूर्णिया की अपनी विशिष्ट शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सात निश्चय कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रथम चरण में पूर्णिया विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, जबकि वर्तमान में सात निश्चय पार्ट-3 के अंतर्गत “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 212 करोड़ रुपये की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समर्थ पोर्टल पर 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर छात्रों का परीक्षा फॉर्म नहीं भरा जा सकेगा। शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह के अंतिम तिथि तक भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक के दौरान यह भी विशेष रूप से सामने आया कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अधिकांश मांगों को अनेक सीनेट सदस्यों द्वारा सीनेट की कार्यवाही में प्रमुखता से उठाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सीनेट छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीर और संवेदनशील है। अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अखिलेश कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के साथ पूर्णिया विश्वविद्यालय की छठी सीनेट बैठक औपचारिक रूप से संपन्न हुई।

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