पूर्णिया।
पूर्णिया में हुए चर्चित सूरज बिहारी हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बृजेश सिंह, नंदू सिंह और अमन सिंह के रूप में हुई है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक स्वीटी शेरावत ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि दो आरोपी पहले ही मुजफ्फरपुर में आत्मसमर्पण कर चुके थे, जिन्हें पूर्णिया लाया गया है, जबकि तीन आरोपियों को रुपौली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर एक युवती से जुड़े पोस्ट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और मारपीट में बदल गया। इसी दौरान सूरज बिहारी पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हत्या की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, बल्कि विवाद के दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी। कुर्की-जब्ती की कार्रवाई से बढ़ा दबाव पुलिस ने फरार आरोपियों के घरों पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई का नोटिस चिपकाया था।
एसपी स्वीटी शेरावत ने बताया कि यदि आरोपी आत्मसमर्पण नहीं करते, तो उनके घरों पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जानी थी। इसी दबाव में दो आरोपियों ने मुजफ्फरपुर में आत्मसमर्पण कर दिया। पिता की मौत से माहौल हुआ भावनात्मक सूरज बिहारी के पिता राजकुमार यादव का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया।
बताया जा रहा है कि बेटे की हत्या के बाद वे गहरे सदमे में थे और लगातार मानसिक तनाव में थे। पिता की मौत के बाद शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस का दावा: जल्द होगा पूरे मामले का खुलासा एसपी स्वीटी शेरावत ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, साजिश और हथियारों की आपूर्ति की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।



