मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार प्रांत के विश्व हिंदू परिषद की दो दिवसीय बैठक आज मुजफ्फरपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस बैठक में परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री माननीय मिलिंद परांडे जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। बैठक के दौरान सीमांचल क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को गंभीरता से उठाया गया। पूर्णिया जिले की ओर से भाग लेने आए प्रतिनिधियों ने बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं पर हो रहे झूठे मुकदमों, धर्मांतरण, लव जिहाद तथा गौहत्या जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तृत रूप से प्रांत एवं केंद्र के पदाधिकारियों को विधिवत जानकारी दी। पूर्णिया से जिला मंत्री राणा गौतम सिंह, जिला उपाध्यक्ष पंकज मिश्रा, मृत्युंजय महान, जिला समरसता प्रमुख रंजन कुणाल, जिला मंदिर अर्चक प्रमुख अमित कुमार साह सहित अन्य कार्यकर्ता बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक में यह चिंता प्रकट की गई कि सीमांचल क्षेत्र में विदेशी मुस्लिम घुसपैठ की वजह से जनसंख्या असंतुलन गंभीर रूप लेता जा रहा है। साथ ही इस्लामी मतांतरण और लव जिहाद जैसी गतिविधियों के प्रसार को रोकने हेतु ठोस योजनाएं बनाई गईं। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू संस्कारों की पुनर्स्थापना करना और सामाजिक समरसता को बढ़ाना ही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस महत्त्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय मंत्री अंबरीश जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक माननीय रवि जी, प्रांत अध्यक्ष श्री संजीव सिंह जी, प्रांत मंत्री राणा रणवीर कुमार जी, प्रांत संगठन मंत्री नागेन्द्र कुमार समर्थ जी, प्रांत कोषाध्यक्ष सुमित कुमार जी, प्रांत संयोजक प्रकाश पांडेय जी, मातृशक्ति की प्रांत सह संयोजिका अनिता गुप्ता जी, प्रांत सह मंत्री इन्दुशेखर जी, धर्म प्रसार प्रमुख भानु प्रताप जी, दुर्गा वाहिनी की प्रांत संयोजिका शिवानी दीदी सहित सभी जिला एवं विभागों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

- पूर्णिया में गीता पुस्तक प्रकरण पर भी जताई गई चिंता
बैठक में हाल ही में पूर्णिया जिले में घटित गीता पुस्तक विवाद का मामला भी चर्चा का विषय रहा। इस प्रकरण में एक पुस्तक में सनातन धर्म, देवी-देवताओं और संस्कृति के बारे में आपत्तिजनक एवं तथ्यहीन बातें लिखी गई थीं। विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों ने जब इसपर आपत्ति जताई और संबंधित थाने में शिकायत की, तो दुर्भाग्यवश शिकायतकर्ताओं को ही अभियुक्त बना दिया गया। स्थानीय थाना प्रभारी शबाना आजमी द्वारा शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप हुआ और अंततः पुलिस महानिरीक्षक द्वारा संज्ञान लेते हुए शबाना आजमी को जांच से हटाकर, जांच की जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी को सौंपी गई। विश्व हिंदू परिषद ने यह स्पष्ट कर दिया कि चाहे कोई भी परिस्थिति हो, सनातन संस्कृति, देश की एकता और हिन्दू समाज के सम्मान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।



