कला भवन पूर्णिया में नटराज की भव्य प्रतिमा का अनावरण, सांस्कृतिक गौरव को मिला नया आयाम

पूर्णिया: स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर कला भवन पूर्णिया के मुख्य द्वार पर स्थापित नटराज की भव्य प्रतिमा का आज विधिवत अनावरण किया गया। इस प्रतीकात्मक एवं ऐतिहासिक क्षण का नेतृत्व कला भवन के उपाध्यक्ष डॉ. डी. राम और मंत्री (सचिव) रामनारायण सिंह ने किया। नटराज, जोकि भगवान शिव का नृत्य रूप है, भारतीय कला और संस्कृति का अत्यंत शक्तिशाली प्रतीक माना जाता है। इस विशाल प्रतिमा को विशेष रूप से राजस्थान के मूर्तिकारों द्वारा तैयार किया गया है और इसे पूर्णिया कला भवन के प्रवेश द्वार पर स्थापित कर महादेव की कृपा स्वरूप संस्कृति, सृजन और चेतना के स्थायी भाव को मूर्त रूप प्रदान किया गया है।

उद्घाटन के दौरान डॉ. डी. राम ने इसे केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का स्तंभ बताते हुए कहा कि “नटराज भारतीय नृत्य, कला और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। इस प्रतिमा की स्थापना से कला भवन न सिर्फ शारीरिक रूप से, बल्कि आत्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध हुआ है।” वहीं सचिव रामनारायण सिंह ने कहा कि “यह प्रतिमा कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आगंतुकों को भारतीय संस्कृति की गहराई और सौंदर्य से जोड़ने का कार्य करेगी।”

इस अवसर पर कला प्रेमियों, संस्थान के सदस्यों, विद्यार्थियों और शहर के कई गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने समारोह को और अधिक भव्य बना दिया। उपस्थित सभी लोगों ने महादेव की इस दिव्य प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर नमन किया और कला भवन के उज्जवल भविष्य की कामना की। नटराज की यह प्रतिष्ठा न केवल कला भवन की पहचान को और गहराई देगी, बल्कि युवाओं और आगंतुकों के लिए भारतीय शास्त्रीय विरासत का प्रेरणास्रोत भी बनेगी।

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