अंग इंडिया संवाददाता/नई दिल्ली/
यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और बेहतर सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक अहम कदम उठाया है। रेलवे ने विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर ASC अर्जुन नामक ह्यूमनॉइड रोबोट को तैनात किया है। यह इंडियन रेलवे नेटवर्क पर अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह रोबोट स्टेशन परिसर में आरपीएफ कर्मियों के साथ मिलकर कार्य करेगा, खासकर उन समयों में जब यात्रियों की आवाजाही अधिक होती है। ASC अर्जुन की तैनाती से स्टेशन पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर मार्गदर्शन और सहायता मिल सकेगी।
विशेष बात यह है कि ASC अर्जुन को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विशाखापत्तनम में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में एक वर्ष से अधिक समय लगा है। रोबोट में फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS), एआई आधारित क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम और रियल-टाइम अलर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घुसपैठ की सूचना तुरंत आरपीएफ कंट्रोल रूम तक पहुंचा सकती हैं।
तकनीकी खूबियों की बात करें तो ASC अर्जुन हिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु भाषा में स्वचालित पब्लिक अनाउंसमेंट कर सकता है। इसके जरिए यात्रियों को दिशा-निर्देश देने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी सूचनाएं भी प्रसारित की जा सकेंगी। यह रोबोट सेमी-ऑटोनॉमस नेविगेशन सिस्टम के जरिए तय मार्गों पर गश्त कर सकता है और रास्ते में आने वाली बाधाओं से खुद को बचाने में सक्षम है।
इसके अलावा, रोबोट में आग और धुएं का पता लगाने वाले सेंसर भी लगाए गए हैं, जिससे किसी आपात स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके। यात्रियों से संवाद को ध्यान में रखते हुए ASC अर्जुन को दोस्ताना व्यवहार के साथ डिजाइन किया गया है। यह यात्रियों का ‘नमस्ते’ के साथ स्वागत करता है और आरपीएफ कर्मियों को सैल्यूट भी करता है। भारतीय रेलवे का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्वदेशी और आधुनिक तकनीकों के जरिए देशभर के रेलवे स्टेशनों को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।



