Waqf Amendment Bill : यूपी के मौलाना ने बताए नए कानून के फायदे, बोले- मस्जिदों और मदरसों को नहीं कोई खतरा

Waqf Amendment Bill : उत्तर प्रदेश के बरेली में अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 का समर्थन करते हुए मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे इस नए कानून से घबराएं नहीं। मौलाना ने कहा कि यह कानून न केवल मुसलमानों के हित में है, बल्कि इससे गरीब, असहाय और कमजोर वर्ग के लोगों को मदद मिलेगी, जो वक्फ की मूल मंशा के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक अब कानून बन चुका है। इससे मस्जिदों, मदरसों या दरगाहों को कोई खतरा नहीं है। यह धारणा गलत है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है। बल्कि, इससे वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का सही इस्तेमाल होगा, जिससे यतीम बच्चों, बेवा महिलाओं और जरूरतमंदों की तरक्की होगी।” मौलाना ने यह भी बताया कि पहले वक्फ की मंशा के मुताबिक काम नहीं हो पा रहा था, लेकिन नए कानून से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

नए कानून के फायदों पर प्रकाश डालते हुए मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि यह अधिनियम वक्फ बोर्ड के प्रशासन को बेहतर बनाएगा। इसमें संपत्तियों का केंद्रीकृत डिजिटल रजिस्ट्रेशन, वार्षिक ऑडिट की अनिवार्यता और बोर्ड में महिलाओं व गैर-मुस्लिम प्रतिनिधियों की भागीदारी जैसे प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून सरकार को संपत्तियों पर कब्जा करने की शक्ति नहीं देता, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि वक्फ की संपत्तियां कानून के दायरे में रहकर समाज के कल्याण के लिए उपयोग हों। मौलाना ने मुस्लिम समुदाय से अफवाहों पर ध्यान न देने और इस कानून को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखने की सलाह दी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वक्फ संशोधन कानून को लेकर कुछ संगठनों और नेताओं ने विरोध जताया है, लेकिन मौलाना का यह रुख इसे लेकर चल रही बहस में एक नया आयाम जोड़ता है।

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