Operation Vermilion — सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से संभावित आतंकी गतिविधियों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। जम्मू फ्रंटियर के IG शशांक आनंद ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ‘Operation Vermilion’ के बाद भी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन BSF पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “हमें अपनी सतर्कता कम नहीं करनी होगी। सीमा पर हम उच्चतम निगरानी बनाए हुए हैं और हर खतरे का जवाब देने के लिए तैयार हैं।” IG आनंद ने यह भी पुष्टि की कि हाल ही में सियालकोट सेक्टर में 40-50 संदिग्ध आतंकवादियों ने पाकिस्तानी गोलाबारी की आड़ में घुसपैठ की बड़ी कोशिश की थी, जिसे BSF ने preemptive स्ट्राइक के जरिए नाकाम कर दिया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के साथ-साथ पाकिस्तानी सैनिकों और रेंजर्स को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा और वे पीछे हटने पर मजबूर हुए। IG के अनुसार, खुफिया इनपुट लगातार मिल रहे हैं कि पाकिस्तान आतंकियों को लॉन्चपैड्स पर फिर से सक्रिय कर रहा है, ताकि भविष्य में घुसपैठ की कोशिश की जा सके। उन्होंने कहा कि “दुश्मन अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पुनर्गठित कर रहा है, लेकिन BSF ने उनकी सभी कोशिशों को नाकाम किया है।”
Operation Vermilion के बाद नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) पर भारत ने आक्रामक रुख अपनाया है, खासकर राजौरी, पूंछ और सांबा सेक्टर में। IG आनंद ने कहा कि BSF न तो उकसाने का काम करती है और न ही पीछे हटती है, लेकिन कोई भी दुस्साहस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम भारत की रक्षा की पहली पंक्ति हैं। हमारी चौकसी अटूट है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।” इसके साथ ही, BSF ने सांबा सेक्टर में एक पोस्ट का नाम ‘सिंदूर’ रखने का प्रस्ताव दिया है, जबकि दो अन्य पोस्ट्स का नाम उन जवानों के नाम पर रखा जाएगा जो 10 मई को पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद हुए थे। यह पहल शहीदों की वीरता को सम्मान देने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को चिरस्थायी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। BSF की यह सख्त चेतावनी और रणनीतिक तैयारियां यह साफ संकेत देती हैं कि देश की सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं — लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।



