नई दिल्ली: भारत–अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान ने खास ध्यान खींचा है, जिसमें उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था यानी ‘वर्ल्ड ऑर्डर’ अब भारत के पक्ष में बदल रही है। एनडीए की बंद कमरे में हुई संसदीय दल बैठक में पीएम मोदी ने नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही संकेत दिया था कि कोविड के बाद दुनिया का सिस्टम बदलेगा और अब यह बदलाव जमीन पर दिख भी रहा है।
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए जाने वाले टैरिफ में बड़ी कटौती, यूरोप और खाड़ी देशों के साथ लगातार हो रहे व्यापार समझौते और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद भारत का अपने हितों पर अडिग रहना इस बदले हुए वर्ल्ड ऑर्डर की तस्वीर पेश करता है। यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस से कच्चा तेल खरीदने का फैसला हो या फिर ईयू के साथ व्यापार समझौता, भारत ने साफ कर दिया कि वह किसी एक ध्रुव के दबाव में फैसले नहीं करेगा। बीते छह महीनों में भारत द्वारा अमेरिका, यूरोप और ओमान जैसे देशों के साथ पांच अहम ट्रेड डील करना इस बात का संकेत है कि दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार के रूप में देख रही है।
साथ ही ग्लोबल साउथ के नेतृत्वकर्ता के तौर पर भारत की भूमिका, अरब देशों के साथ कूटनीतिक सक्रियता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन बनाने की रणनीति यह दिखाती है कि अब दुनिया एकध्रुवीय नहीं रही, बल्कि बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां भारत एक प्रभावशाली और निर्णायक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।



