पूर्णिया विधि संवाददाता: शनिवार 13 दिसंबर को राष्ट्र व्यापी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसी क्रम में व्यवहार न्यायालय पूर्णिया के साथ-साथ अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय बायसी, बनमनखी और धमदाहा में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायालय प्रांगण में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन का शुरुआत दीप प्रज्वलन कर किया गया। मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कन्हैया जी चौधरी, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राकेश कुमार, जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार तिवारी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार, अन्य कई न्यायाधीश गण, न्यायालय कर्मी, बैंक पदाधिकारी, पक्षकार गण, अधिवक्ता गण व अन्य लोग भी मौजूद थे।
वादों के निपटारे के लिए कुल 17 बैंच का गठन किया गया था, जिसमें न्यायाधीश संघ पैनल अधिवक्ताओं ने भी शिरकत की। न्यायधीशों में परिवार न्यायालय के प्रधान जज राकेश कुमार, तृतीय अपर जिला जज ठाकुर अमन कुमार, स्पेशल जज एक्सेस प्रथम व द्वितीय क्रमशः जितेश कुमार और सतीश कुमार झा, अपर जिला जज 13 बजरंगी कुमार चौधरी, अपर जिला जज 15 धर्मेंद्र कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राधा कुमारी, सब जज प्रथम प्रमोद रंजन, सब जज द्वितीय रंजय कुमार, सदर मुंशफ प्रभात कुमार रंजन, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी क्रमशः राहुल प्रकाश, मिस पल्लवी, स्निग्धा, अमित कुमार, मोहम्मद कामरान, प्रदीप कुमार रवि, प्रशांत कुमार व पैनल अधिवक्ता क्रमशः सुष्मिता कुमारी, कुश नाथ झा, रजनी कुमारी, अश्वनी कुमार पांडे, बबीता चौधरी, दीपक प्रकाश, जीनत रहमान, विकास राज, रंजीत कुमार चौधरी, अनिल कुमार शाह, पीयूष प्रत्यय, नरेंद्र कुमार निराला, राजीव कुमार चौधरी, मनोज कुमार, गौरी शंकर, संतशिशु चौरसिया व महेश चंद्र द्विवेदी भी बेंच में शामिल थे।
पक्षकारों की सुविधा के लिए पांच हेल्प डेस्क बनाए गए थे। जो पक्षकारों को जरूरत के अनुसार जानकारी देते थे कि किनका मामला किस बेंच पर और कहां स्थित है वह अन्य कार्य संपन्न कर रहे थे। इसके अलावा बनमनखी, धमदाहा व बायसी में एक-एक बेंच का गठन किया गया था। बैंक ऋण के कुल 920 मामले में समझौता राशि 5 करोड़ 72 लाख 74 हजार 84 रुपए तथा तत्काल वसूली 3 करोड़ 24 लाख 73 हजार 514 रुपए की हुई। बीएसएनएल के 17 मामले में 28 हजार 997 रुपए वसूलकर मामले को सुलझाया गया। ट्रैफिक चालान के 836 मामले में 12 लाख 57 हजार 9 00 रुपए प्राप्त हुए। बिजली चोरी के 116 मामले में 16 लाख 8 हजार 642 रुपए जुर्माना प्राप्त कर वार्द समाप्त किए गए। चेक बाउंस के 29 मामले, परिवार न्यायालय के तीन, आपराधिक वाद के तथा 574 तथा एचडीएफसी बैंक के कोर्ट में चल रहे सेटलमेंट के 87 मामले का निष्पादन किया गया।



