पूर्णिया, किशन : पूर्णिया विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा स्थापित मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र एवं छात्र सेवा केंद्र का आज विधिवत उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. आभा मिश्रा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा संस्थान की संवेदनशीलता और मानवता को दर्शाता है। उन्होंने समाज में परामर्श सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए इसे पारिवारिक विघटन से भी जोड़ा।परामर्श केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. पल्लव कुमार ने अपने संबोधन में वर्तमान समय में परामर्श की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने अंगुलिमाल के उदाहरण के माध्यम से बताया कि सही मार्गदर्शन से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर एवं सीसीडीसी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने परामर्श केंद्र की उपयोगिता और कल्याण केंद्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन में परामर्श सेवाओं के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही तथा शिक्षकों से छात्रों के सहयोग की अपील की।कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापिका डॉ. कुमारी रंजीत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आभा मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक योगदान दिया। Post navigationएक साल, कई सवाल : छात्रों द्वारा जारी पूर्णिया विश्वविद्यालय के रिपोर्ट कार्ड में खुली व्यवस्थाओं की पोल, सुधार की बड़ी उम्मीद स्थापना दिवस बना विवाद का मंच : छात्रों की अनदेखी पर बवाल, आत्मदाह की धमकी से दहला विश्वविद्यालय सभागार