पटना, Muharram 2025: – मुहर्रम 2025 के अवसर पर राजधानी पटना में शुक्रवार को शोक और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर इस अवसर पर एक भव्य ताजिया जुलूस पहुंचा, जिसमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने बालकनी से अखाड़ा दलों द्वारा किए गए पारंपरिक करतबों का अवलोकन किया और समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। जुलूस में शामिल मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पारंपरिक ताजिया लेकर इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की। अखाड़ा दल के सदस्यों ने लाठी-भाला, तलवारबाजी और आग से जुड़े हैरतअंगेज करतब पेश किए, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। लालू यादव ने जुलूस का अभिवादन करते हुए कहा कि “मुहर्रम सिर्फ एक धर्म विशेष का त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत, बलिदान और सच्चाई के लिए संघर्ष का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि बिहार की गंगा-जमुनी तहजीब यही सिखाती है कि सभी समुदाय मिल-जुलकर त्योहार मनाएं और एक-दूसरे के धर्म व भावनाओं का सम्मान करें। राबड़ी देवी के आवास पर हर वर्ष की तरह इस बार भी ताजिया जुलूस का स्वागत किया गया, जो आपसी सौहार्द और सांप्रदायिक एकता की मिसाल बनता जा रहा है। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन ने जुलूस के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित किया। मुहर्रम, इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है, और आशूरा (दसवां दिन) को करबला में इमाम हुसैन की शहादत की याद में शोक मनाया जाता है। पटना जैसे बहु-सांस्कृतिक शहर में यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द का भी संदेश देता है।
Muharram 2025 : पटना में राबड़ी देवी के आवास पहुंचा ताजिया जुलूस, लालू यादव ने देखा अखाड़े का करतब

अंग इंडिया न्यूज़ एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है जो भारत की सांस्कृतिक गहराइयों, सामाजिक मुद्दों और जन-आवाज को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है—हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर भाषा को प्रतिनिधित्व देना, ताकि खबरें सिर्फ सूचनाएं न रहें, बल्कि बदलाव की प्रेरणा बनें।हम न सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को कवर करते हैं, बल्कि उन कहानियों को भी उजागर करते हैं जो आमतौर पर मुख्यधारा से दूर रह जाती हैं। अंग इंडिया न्यूज़ का हर लेख, हर रिपोर्ट और हर विश्लेषण एक सोच के साथ लिखा जाता है—"जनता की नज़र से, जनता के लिए।"
- Advertisement -
आपके लिए ख़ास ख़बर
नयी खबरें
- Advertisement -


