पूर्णिया: भाजपा महिला मोर्चा की निवर्तमान जिलाध्यक्ष सरिता राय ने विपक्षी दलों द्वारा आहूत बिहार बंद और चक्का जाम को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में जन समर्थन का विशेष महत्व होता है। धरना-प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके आड़ में जबरन भीड़ और लाठी तंत्र के जरिए अराजकता फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट रूप से बीएलओ को किसी भी प्रकार का दस्तावेज लेने से मना किया है। ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर आंदोलन करना सिर्फ भ्रम फैलाना है।
विपक्ष जनता को गुमराह कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। सरिता राय ने कहा कि विपक्ष सिर्फ लाठी और भीड़ के बल पर राजनीति करना चाहता है, लेकिन बिहार की जनता अब जागरूक है और विकास की राजनीति को ही प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार चतुर्दिक विकास को लेकर प्रतिबद्ध है और यही वजह है कि जनता का विश्वास एनडीए सरकार पर बना हुआ है। अंत में उन्होंने कहा कि विपक्ष को अराजकता छोड़कर रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखने के लिए संयम और समझदारी जरूरी है।



