SAHARSA NEWS,अजय कुमार : समाहरणालय स्थित सभागार में रविवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में उल्लासपूर्ण वातावरण में हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।उक्त अवसर पर जिलाधिकारी एवं अन्य उपस्थित वक्ताओं द्वारा वर्तमान परिपेक्ष्य में हिन्दी भाषा की महता को रेखांकित करते हुए सामान्य बोलचाल एवं कार्यालय कार्यों में इसके अधिकाधिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में हिंदी भाषा को मधुर,सरल इसे देश को एकसूत्र में बांधने वाले बताते हुए कहा स्वदेशी भाषा हिंदी का अधिकाधिक स्वीकार्यता व उपयोग राष्ट्र के समेकित प्रगति में उल्लेखनीय भूमिका निभा सकता है।उन्होंने दक्षिण कोरिया एवं अन्य देशों का उदाहरण देते हुए कहा की इन देशों के विकास में भाषा एवं अन्य क्षेत्रों में स्वदेशी को अंगीकार करने की प्रबल भावना ने प्रमुख भूमिका निभाई है।जिसको हमलोगों को भी प्रेरित होना चाहिए।
जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने हिन्दी भाषा की महता को रेखांकित करते इसे आपसी एकता का प्रतीक बताया एवं कहा की हिंदी भाषा की सरलता व सहजता के कारण अन्य देशों में भी हिंदी भाषा के प्रति आकर्षण एवं स्वीकार्यता में निरंतर वृद्धि हो रही है,जो निःसंदेह हर्ष का विषय है।नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा एवं अपर समाहर्ता निशांत द्वारा हिन्दी दिवस आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में चर्चा की गई एवं प्रचार प्रसार के उद्देश्य से महत्वपूर्ण अवसरों पर काव्य सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजन के संबंध में सुझाव दिए गए।इस संदर्भ में ज्ञात हो कि 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में अंगीकार किया गया था एवं 1953 में सर्वप्रथम हिंदी दिवस का आयोजन किया गया था,तभी से प्रति वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस आयोजन की परम्परा रही है।आज हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला,जिला परिवहन पदाधिकारी,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षापदाधिकारी, सहायक आयुक्त उत्पाद, जिला मत्स्य पदाधिकारी,अवर निर्वाचन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।कार्यक्रम संचालन शिक्षक आनंद झा एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी द्वारा किया गया।



