मानसी–सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण की मांग तेज, यात्रियों की परेशानी होगी खत्म: अमित आनंद

सहरसा, अजय कुमार : समस्तीपुर मंडल अंतर्गत मानसी–सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। यह रेलखंड उत्तर बिहार के लिए जीवनरेखा के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब तक सिंगल लाइन रहने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भले ही इस रूट पर ट्रेनों की संख्या और गति में बढ़ोतरी की गई हो, किंतु लाइन सिंगल होने और ट्रेनों की अधिक आवाजाही के चलते कई लंबी दूरी की ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर घंटों खड़ा रहना पड़ता है। इसका सीधा असर यात्रियों की समय-सारिणी, सुविधा और सुरक्षा पर पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए महिषी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अमित आनंद ने रेलवे से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत इस रेलखंड के दोहरीकरण से जुड़ी जानकारी मांगी है। उन्होंने बताया कि मानसी–सहरसा रेलखंड उत्तर बिहार के कम से कम 10 जिलों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफ लाइन है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, जिनमें छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और मरीज शामिल हैं। सिंगल लाइन के कारण न सिर्फ ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ रही है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

अमित आनंद ने कहा कि यदि इस रेलखंड का दोहरीकरण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाए, तो महज दो वर्षों के भीतर इसे पूरा कर एक बड़ी आबादी के जीवन को सुगम बनाया जा सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि समस्तीपुर मंडल द्वारा इस परियोजना को लेकर विस्तृत कार्य योजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही मानसी–सहरसा रेलखंड का दोहरीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि लहेरिया सराय–सहरसा रेलखंड को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इसके चालू हो जाने से सहरसा और लहेरिया सराय के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो सकेगा। वर्तमान में इस रूट पर सरायगढ़ होकर लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे यात्रा में लगभग पांच घंटे का समय लग जाता है। लेकिन डायरेक्ट सहरसा–लहेरिया सराय रेल लाइन शुरू होने के बाद यही सफर मात्र एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

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