सहरसा, अजय कुमार : सदर/मॉडल अस्पताल में व्याप्त गंभीर कुव्यवस्था—विशेषकर पार्किंग, सुरक्षा दायित्व एवं शुद्ध पेयजल की कमी—को लेकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन, सहरसा ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), सिविल सर्जन तथा अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट (DS) को लिखित रूप में समस्याओं से अवगत कराते हुए अविलंब ठोस कार्रवाई की मांग की।संगठन ने बताया कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले अधिकांश मरीज गरीब एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से होते हैं, जिन्हें अस्पताल परिसर के बाहर वाहन पार्क करने को मजबूर किया जाता है। वहीं बड़े बोर्ड लगाकर वाहन/सामान की सुरक्षा से प्रशासन ने जिम्मेदारी से साफ इनकार कर दिया है। यह स्थिति मरीजों को दोहरी पीड़ा देती है,या तो इलाज कराएं या बाहर खड़ी गाड़ी की सुरक्षा करें। वाहन चोरी की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह आज तक स्पष्ट नहीं किया गया है, जो प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है।इसके साथ ही संगठन ने अस्पताल में शुद्ध पेयजल की भयावह स्थिति को उजागर किया।
कई बार अस्पताल में पानी उपलब्ध ही नहीं रहता और जब पानी आता है तो पिने योग्य नहीं रहता , जो मरीजों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। एक मॉडल अस्पताल में इस तरह की स्थिति न केवल शर्मनाक है, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है।संगठन ने यह भी बताया कि अव्यवस्था के कारण आए दिन सुरक्षा गार्डों और आम जनता के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। सुरक्षा कर्मी भी अपने दायित्वों से बंधे होते हैं, लेकिन प्रशासनिक असफलता का बोझ आम मरीज और सुरक्षाकर्मी दोनों को उठाना पड़ता है।इस मामले पर अनुमंडल पदाधिकारी ने समस्या के शीघ्र समाधान का सकारात्मक आश्वासन दिया। कल्याण समिति की बैठक में प्रस्ताव के रूप में रखने की बात कही। संगठन द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय में भी औपचारिक आवेदन सौंपा गया है।मौके पर मौजूद टिंकू मैथिल ने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।अंकुश मिश्रा ने कहा कि संभवतः पूरे बिहार के जिला अस्पतालों में पार्किंग की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है, लेकिन यदि सहरसा में व्यवस्था है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।रौशन मिश्रा ने कहा मरीज इलाज कराएं या गाड़ी को देखे यह व्यवस्था दुःखद हैं, इसका निवारण होना चाहिए।



