सहरसा, अजय कुमार : सर्व नारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय में यौन उत्पीड़न निषेध सप्ताह के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया।ज्ञात हो कि नई श्रम संहिता कार्यस्थल पर सुरक्षा की गारंटी देता है। इसके लिए 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम बनाया गया है।इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि हमारे महाविद्यालय में यौन उत्पीड़न पर सख्त प्रतिबन्ध रहेगा।
अगर मेरे संज्ञान में ऐसे मामले आते हैं तो उसपर कड़ी कारवाई की जाएगी।कानूनी सलाह लेने की जरुरत पड़ी तो वो भी ली जाएगी। उन्होंने सहकर्मियों से कहा कि आपलोग इस मुद्दे की गंभीरता को समझिये।यौन उत्पीड़न एक अपराध है। इसे अपराध की तरह लीजिये।छात्र -छात्राओं से उन्होंने कहा कि आपलोग भी अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखिए।महाविद्यालय में ऐसा कोई काम नहीं कीजिये जिससे महाविद्यालय का नाम खराब हो।यह महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा मसला है।हम सभी को इसकी संवेदनशीलता को समझना होगा। इस अवसर पर डॉ धर्मव्रत चौधरी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को सर्वोच्च स्तर पर ले जाने के लिए महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है।
इसके लिए जरूरी है कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न न होना सुनिश्चित हो।इस कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ जीनत अफसा ने कहा कि यौन उत्पीड़न जागरूकता सप्ताह हमें सम्मान और सुरक्षा का महत्व सिखाता है।हर व्यक्ति को बिना डर के सुरक्षित वातावरण में जीने का अधिकार है।चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है, जागरूकता उसे रोकती है।आइए हम सब मिलकर सही के लिए खड़े हों और बदलाव लाएँ।मौक़े पर डॉ अनिल कुमार सिंह,डॉ सुधीर कुमार सिंह, डॉ महानन्द सदा,डॉ अवधेश मिश्रा,डॉ आर्य सिन्धु,डॉ रामनरेश पासवान,डॉ दिलशाद अख्तर, डॉ गौरी, डॉ नृपेंद्र श्रीवास्तव, डॉ सुधांशु शेखर, ओमप्रकाश सिंह, सत्यम कुमार, मो इमरान, विश्वजीत कुमार, मो तौसीफ़, माही राज समेत कई शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र -छात्राएं मौजूद थे।



