अंग इंडिया संवाददाता/पूर्णिया/
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पूर्णिया विधायक विजय खेमका ने उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि नेताजी भारत की आज़ादी के सबसे ओजस्वी, साहसी और प्रेरणादायक नायकों में से एक थे। उन्होंने कहा कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का उद्घोष आज भी देश के युवाओं में क्रांति, साहस और राष्ट्रभक्ति का संचार करता है।
विधायक विजय खेमका ने कहा कि कांग्रेस में रहते हुए भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का बार-बार अपमान किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के बाद भी उन्हें ‘छाया अध्यक्ष’ बनाकर उनके अधिकार सीमित किए गए और वैचारिक मतभेदों के कारण उन्हें अलग-थलग कर दिया गया, जिसका उल्लेख इतिहास में स्पष्ट रूप से मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद भी कांग्रेस शासनकाल में नेताजी के अदम्य साहसिक योगदान को दबाने और उनकी भूमिका को हाशिये पर रखने का प्रयास किया गया।
विधायक ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त करने का कार्य किया है। कोलकाता स्थित नेताजी भवन, दिल्ली के इंडिया गेट के पास नेताजी की भव्य प्रतिमा की स्थापना, आज़ाद हिंद फ़ौज से जुड़े स्थलों और संग्रहालयों के विकास तथा देश-विदेश में जुड़े स्मृति-चिन्हों को जीवंत कर नेताजी की गौरवगाथा को देश-दुनिया के सामने लाया गया है।
उन्होंने कहा कि अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती प्रतिवर्ष ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जाती है, जो उनके साहस और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। विधायक विजय खेमका ने कहा कि नेताजी का सपना एक सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी भारत का था। नेताजी केवल इतिहास नहीं, बल्कि भारत की आत्मा हैं, जिन्हें राष्ट्र सदैव नमन करता रहेगा।



