पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: लखनऊ में शुक्रवार को डालीबाग के राणा प्रताप मार्ग स्थित होटल में आयोजित आयोडेक्स व अमर उजाला अपराजिता उत्सव के दौरान 30 साहसी महिलाओं को ‘अपराजिता’ सम्मान से नवाजा गया, इस अवसर पर उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी मुख्य अतिथि थे, जिन्होंने महिलाओं की प्रगति को विकसित भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया और उनके योगदान को सराहा;

इस सम्मान समारोह में उन महिलाओं की कहानियों को मंच मिला, जिन्होंने कठिनाइयों और चुनौतियों को पार कर शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है, जिसमें कुछ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता फैला रही हैं तो कुछ शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव ला रही हैं, और इन महिलाओं की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल कायम की है; उत्सव के लिए 10 जनवरी से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हुई थी और 25 जनवरी तक कुल 230 महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं, जिनमें से चयन समिति ने 30 महिलाओं का चयन किया,
जिसमें स्तुति आशुतोष तिवारी, अपर्णा मिश्रा, डॉ. अंजू वार्ष्णेय, डॉ. पूजा शाहीन अहमद, सुनीता चटर्जी, गीता गुप्ता, चारू खरे, तृप्ता शर्मा, नंदिनी दिवाकर, डॉ. गायित्री सिंह सहित अन्य प्रमुख महिलाएं शामिल हैं, वहीं इसके अतिरिक्त पूजा शर्मा, शैलजा पांडेय, श्वेता मिनोचा, नौफील जहान, गुंजन वर्मा, नंदनी शर्मा, अर्चना वर्मा, तनु शर्मा, डॉ. स्मिता सिंह, लकी सरीन, रिचा श्रीवास्तव, शुभांगी, दिव्यांशी शर्मा, सादाब शेख, सेफ रितु जयसवाल, सरह, पूजा शर्मा (जुंबा ट्रेनर), अमरीन कुरैशी, आकांक्षा सैनी और मंजू तिवारी जैसी महिलाओं को भी ‘अपराजिता’ सम्मान के योग्य पाया गया, इस अवसर पर उनके चेहरों पर झलकती खुशी और गर्व उनके वर्षों के कठिन परिश्रम और साहस की गवाही दे रही थी, जबकि चयन प्रक्रिया में संपादकीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही और इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महिलाएं केवल समाज की शक्ति नहीं बल्कि प्रेरणा और बदलाव की वाहक भी हैं।



