राज्यव्यापी मेगा एमडीए कैंप में 40 हजार बूथों पर एक करोड़ लोग खाएंगे दवा

• मेगा कैंप की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभागों की जिम्मेदारी हुई तय
• 10 फरवरी से राज्य के 34 जिलों में संचालित किया जायेगा एमडीए कार्यक्रम

पटना:  फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान की लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में बिहार सरकार एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। हाल के वर्षों में प्रभावी एवं सशक्त सर्वजन दवा सेवन अभियान अभियान के साकारात्मक परिणाम के आधार पर राज्य वर्ष 2027 तक फ़ाइलेरिया मुक्त बिहार के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में 10 फरवरी से राज्य के 34 जिलों में एमडीए अभियान संचालित किया जाना है। अभियान के तहत 11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा एमडीए कैंप का आयोजन किया जाना है जिसके तहत राज्य द्वारा एक ही दिन में लगभग 1 करोड़ लोगों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए लगभग 4 लाख प्रशिक्षित फ्रंटलाइन कार्यकर्ता, 395 प्रखंडों/इम्प्लीमेंटेशन यूनिट में लगभग 40,000 से अधिक बूथ तथा बहु-विभागीय समंवय के माध्यम से व्यापक स्तर पर तैयारी के लिए विभाग की जिम्मेदारी तय की गयी है।

मेगा कैंप की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जिला एवं प्रखंड स्तर पर नोडल पदाधिकारी को नामांकित कर समंवय व्यवस्था सुनिश्चित किया जाएगा। कैंप के लिए अलग माइक्रोप्लान तैयार कर साझा किया जाएगा। विभाग द्वारा हर आंगनवाड़ी केंद्र/सामुदायिक स्थल पर दरोग एडमिनिस्ट्रेशन टीम द्वारा कैंप स्थापित किया जाएगा। टीम का उन्मुखीकरण किया जाएगा दवाओं की खपत पर बल दिया जाएगा। रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दवा सेवन के बाद किसी तरह के दुष्प्रभाव का प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं पर्येवेक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सभी लोजिस्टिक्स की उपलब्धता सुनिश्चित कर त्रिस्तरीय पर्यवेक्षण व्यवस्था लागू किया जाएगा और कानून व व्यवस्था स्थापित करवाया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग जिला से प्रखंड एवं क्षेत्रीय स्तर तक दिशानिर्देशों का निर्गमन एवं प्रसार करेगा।

विभाग द्वारा आईसीडीएस अधिकारी, कर्मचारी एवं आंगनवाड़ी सेविकाओं का फ़ाइलेरिया एवं एमडीए प्रोटोकॉल पर उन्मुखीकरण किया जाएगा। मेगा कैंप के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती, बूथ संचालन में सहयोग एवं उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रग्राम पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा पर्यवेक्षण एवं निर्देशों के अनुपालन की निगरानी की जाएगी और बूथों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था और सहयोग किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग जिला स्तर से नीचे तक मेगा कैंप संबंधी निर्देशों का निर्गमन किया जाएगा। विभाग दवा अभियान से पहले स्वयं सहायता समूह ( एसएचजी ) के सदस्यों एवं उनके परिवारों को जागरूक किया जाएगा।

मेगा कैंप के दिन कम्युनिटी मोबिलाईजर द्वारा एसएचजी सदस्यों एवं उनके परिवारों को संगठित रूप से बूथ पर लाकर दवा सेवन सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही संबंधित ग्राम संगठन एवं कम्युनिटी मोबिलाईजर द्वारा बूथ पर उपस्थिति और उनकी सहभागिता सुनिश्चित कर दवा सेवन का डाटा सीएनआरपी को रिपोर्ट किया जाएगा। सीएनआरपी डाटा संकलन कर एरिया कोऑर्डिनेटर के माध्यम से उच्च स्तर पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही एडवर्स ड्रग रिएक्शन की स्थिति में सीएचओ एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का साथ त्वरित समंवय किया जाएगा।

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