नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कांग्रेस के नेतृत्व में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ दायर अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है और विपक्षी दलों से पहले स्पीकर को औपचारिक पत्र लिखकर शिकायत करने की सलाह दी है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा में पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने में कोई समस्या नहीं है और सभी 28 सांसद तैयार हैं, लेकिन पहले विपक्ष को एक पत्र के माध्यम से स्पीकर को अपनी शिकायतें (जैसे विपक्षी सांसदों को बोलने का मौका न देना और हालिया निलंबन) बतानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्पीकर को दो-तीन दिन का समय दिया जाए ताकि वे जवाब दे सकें, और अगर संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो फिर अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। अभिषेक बनर्जी ने इसे “संतुलित और रचनात्मक” रास्ता बताया और कहा कि स्पीकर को हटाना “आखिरी विकल्प” होना चाहिए। टीएमसी ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और अन्य विपक्षी दल शामिल हुए हैं। यह कदम लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच आया है, जहां विपक्ष स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है और सदन बार-बार स्थगित हो रहा है।
टीएमसी का रुख विपक्षी एकता में दरार दिखाता है और पार्टी ने स्पष्ट किया कि वे सदन की कार्यवाही सुचारू बनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के पक्ष में हैं, लेकिन जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएंगे। विपक्षी दलों के बीच यह मतभेद स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव की सफलता पर असर डाल सकता है, जबकि टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की मांग पर मजबूत रुख अपनाया है।



