अररिया, प्रिंस कुमार: पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री स्व. डूमर लाल बैठा की 29वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को फारबिसगंज में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। नगर व प्रखंड कांग्रेस कमिटी एवं परिजनों के संयुक्त तत्वावधान में उनके समाधि स्थल पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं और परिजनों ने स्व. बैठा की समाधि और चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस भावुक क्षण में परिजनों और समर्थकों ने उनके बताए गए आदर्शों और सेवा के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्व. डूमर लाल बैठा के कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि फारबिसगंज और सीमांचल के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। विशेष रूप से: रेलवे: क्षेत्र में रेल सेवाओं के विस्तार और सुधार में उनकी अहम भूमिका रही। संचार: बीएसएनएल (BSNL) और दूरदर्शन केंद्र की स्थापना व सुदृढ़ीकरण में उनका बड़ा योगदान रहा। राजनीतिक आदर्श: वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में बैठा जी के पदचिह्नों पर चलकर ही सच्ची जन-सेवा की राजनीति की जा सकती है।
स्व. डूमर लाल बैठा इस क्षेत्र के कद्दावर नेताओं में से एक थे। उनका राजनीतिक कद केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर काफी ऊंचा था: वे विधायक और सांसद के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। वर्ष 1960-63 तक बिहार सरकार के संसदीय सचिव रहे। 1963-67 तक स्वास्थ्य, कल्याण एवं हाउसिंग मंत्री की जिम्मेदारी निभाई। वे BPSC के चेयरमैन और रेलवे कन्वेंशन कमेटी (1980-84) के अध्यक्ष भी रहे। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार में रक्षा राज्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, स्थानीय कार्यकर्ता और स्व. बैठा के परिजन मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने उनके प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और सम्मान प्रकट किया।



