पूर्णिया: पूर्णिया सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) को राजधानी पटना के कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थानों में दर्ज आपराधिक मामलों के साथ-साथ पूर्णिया में दर्ज एक प्रकरण में कुल तीन मामलों में जमानत मिल गई है। अदालत के इस फैसले के बाद उनके जेल से बाहर आने का मार्ग पूरी तरह खुल गया है। जमानत की खबर मिलते ही सांसद के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। सांसद ने जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखते हुए कहा कि सभी मुकदमों में उन्हें बेल मिल चुकी है और वे हमेशा न्याय व इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने लिखा कि नाइंसाफी और अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया गया है और न कभी करेंगे। पप्पू यादव को हाल ही में एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बुद्धा कॉलोनी थाना से जुड़े इस प्रकरण में आरोप था कि गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने पुलिस के काम में बाधा डाली। इसके अलावा, पटना के गर्दनीबाग थाना में 31 साल पुराने एक मामले में भी कार्रवाई हुई थी। यह मामला वर्ष 1995 में दर्ज किया गया था और इसमें पप्पू यादव पर मकान पर अवैध कब्जा करने तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 467 के तहत दस्तावेजों में जालसाजी करने का आरोप था। पीड़ित मकान मालिक ने दावा किया था कि जिस मकान में पप्पू यादव किराए पर रहते थे, उन्होंने बाद में उसे सांसद कार्यालय में बदल लिया।
इस मामले में अदालत लंबे समय से उनके खिलाफ वारंट जारी कर रही थी, लेकिन वह कई सालों तक कथित तौर पर अदालत में पेश नहीं हुए थे। विपक्ष ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया था, जबकि पुलिस का कहना था कि सभी मामलों में लंबित वारंट के अनुसार विधिसम्मत कार्रवाई की गई थी। अब सभी तीन मामलों में जमानत मिलने के बाद सांसद की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उनके समर्थक इसे बड़ी जीत और न्यायिक राहत के रूप में देख रहे हैं।



