नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं, जहां उन्हें चेक बाउंस के एक पुराने मामले में 6 महीने की सजा काटनी है। यह विवाद 2010 का है, जब उन्होंने अपनी निर्देशित पहली फिल्म अता पता लापता के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म के फ्लॉप होने और ब्याज, जुर्माने एवं देरी के कारण कुल बकाया राशि बढ़कर 9 करोड़ रुपये तक पहुँच गई। इस दौरान कई चेक बाउंस होने के कारण कंपनी ने सात अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए।
दिल्ली हाई कोर्ट में आज हुई सुनवाई में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट ने विशेष रूप से राजपाल यादव की पिछली प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने पर फटकार लगाई और कहा कि जेल जाने का कारण ही उनके वादों का पालन न करना है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी। फरवरी 2026 में कोर्ट के आदेश पर उन्होंने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था।
इस कानूनी संकट के बीच कई बॉलीवुड हस्तियों और राजनीतिक शख्सियतों ने उनकी मदद का हाथ बढ़ाया। सोनू सूद ने उन्हें फिल्म में रोल ऑफर कर साइनिंग अमाउंट दिया, जबकि गुरमीत चौधरी और तेज प्रताप यादव ने आर्थिक सहायता प्रदान की। अजय देवगन, सलमान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी मदद और सहयोग का भरोसा दिलाया। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जेल में सजा काटने से बकाया 9 करोड़ रुपये का कर्ज माफ नहीं होगा और राशि चुकानी अभी भी राजपाल यादव पर अनिवार्य है।



