अररिया, प्रिंस कुमार: अररिया जिले के फारबिसगंज में गुरुवार को एक निजी अस्पताल में धावा दल और स्थानीय चिकित्सक के बीच हुई हिंसक झड़प को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। विवाद के दौरान धावा दल के प्रभारी डॉ. रामबाबू और अस्पताल के डॉ. दीपक कुमार के बीच तीखी नोंकझोंक मारपीट और बंधक बनाने तक पहुंच गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कथित रूप से धावा दल के प्रभारी द्वारा चिकित्सक पर तमाचा जड़ने का दृश्य भी देखा गया।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिला प्रशासन ने राजमोहन झा, वरीय अपर समाहर्ता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें सिविल सर्जन अररिया, फारबिसगंज के प्रभारी अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं। जांच टीम को निर्देश दिया गया है कि वे घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण कर सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करें और तीन दिनों के भीतर अपना प्रतिवेदन कार्यालय को सौंपें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद स्थानीय चिकित्सकीय समुदाय में भारी रोष व्याप्त है और मामले की कानूनी और प्रशासनिक जांच जारी है।



