शोधार्थियों को आधुनिक अनुसंधान तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण, कुलपति बोले— एआई के युग में शोध को बनाना होगा वैश्विक स्तर का
अंग इंडिया / पूर्णियाँ / किशन : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय में गुरुवार को “रिसर्च सॉफ्टवेयर विद एआई: ए हैंड्स-ऑन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। स्नातकोत्तर वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग तथा स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों एवं शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित आधुनिक शोध सॉफ्टवेयर तथा नवीन अनुसंधान तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह, कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष, प्रॉक्टर, संयोजक प्रो. इश्तियाक अहमद, आयोजक डॉ. भरत कुमार मेहर एवं डॉ. अभिषेक आनंद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिषेक आनंद ने किया। स्वागत भाषण देते हुए कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार ने कहा कि एआई आधारित शोध कार्यशालाएँ वर्तमान समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय के अन्य विभागों से भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया, ताकि विश्वविद्यालय में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

उद्घाटन संबोधन में कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे समय में पारंपरिक शोध पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक एआई आधारित तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों का उपयोग कर अपने शोध को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएं।
छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ शोधार्थियों को नवीन अनुसंधान पद्धतियों और तकनीकों से परिचित कर उनकी शोध क्षमता का विकास करती हैं। वहीं प्रॉक्टर ने शोध कार्यों में एआई के उपयोग के दौरान अकादमिक ईमानदारी एवं नैतिक मानकों के पालन पर विशेष बल दिया।आयोजक डॉ. भरत कुमार मेहर ने कहा कि कुलपति की परिकल्पना के अनुरूप विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन और कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि शोधार्थियों एवं शिक्षकों को वैश्विक स्तर का अकादमिक मंच उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि दोनों विभाग भविष्य में भी ऐसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।
कार्यशाला के संयोजक प्रो. इश्तियाक अहमद ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान एआई आधारित शोध सॉफ्टवेयर एवं आधुनिक अनुसंधान उपकरणों का गंभीरता से अध्ययन कर अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।समारोह के अंत में सभी अतिथियों ने आयोजकों डॉ. भारत कुमार मेहर एवं डॉ. अभिषेक आनंद तथा संयोजक प्रो. इश्तियाक अहमद सहित दोनों विभागों के शिक्षकों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।तीन दिवसीय इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को आधुनिक एआई आधारित शोध सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी अनुसंधान क्षमता विकसित होगी और वे बदलते वैश्विक शोध परिवेश के अनुरूप स्वयं को अधिक सक्षम बना सकेंगे।