पूर्णियाँ विश्वविद्यालय की 24वीं सिंडिकेट बैठक में विकास को मिली रफ्तार, सभी 11 एजेंडों पर लगी मुहर

अंग इंडिया / पूर्णियाँ : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय की 24वीं सिंडिकेट बैठक गुरुवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं विकास कार्यों से जुड़े सभी 11 एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया गया।

बैठक में लिए गए निर्णयों को विश्वविद्यालय के विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।बैठक की शुरुआत 22 जनवरी 2026 को आयोजित 23वीं सिंडिकेट बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि से हुई। इसके बाद 25वीं एवं 26वीं शैक्षणिक परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की बैठकों में लिए गए निर्णयों को अनुमोदित किया गया। साथ ही 18वीं संबद्धता एवं नवीन शिक्षण कार्यक्रम समिति की अनुशंसाओं को भी सिंडिकेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की।

सिंडिकेट ने विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में दाता (डोनर) की घोषणा से संबंधित समिति की अनुशंसाओं को भी मंजूरी दी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अंतर्गत नवस्थापित 21 प्रखंड स्तरीय सरकारी डिग्री महाविद्यालयों में प्रभारी प्राचार्यों, बर्सर तथा शिक्षकेत्तर कर्मियों के प्रतिनियोजन संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों (एचओडी) के प्रतिनियोजन को अनुमोदित किया गया। वहीं विभिन्न विषयों में कार्यरत 44 अतिथि शिक्षकों के पुनर्नियोजन के प्रस्ताव पर भी सिंडिकेट ने अपनी सहमति जताई।

शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भी बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से हिन्दी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र विषयों में कुल 269 सहायक प्राध्यापकों के पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को अधियाचना भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (बीएसयूएससी), पटना की अनुशंसा पर राजनीति विज्ञान विषय के 12 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, प्रशासनिक दक्षता, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण तथा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए। सिंडिकेट सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक के समापन पर कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने सभी सिंडिकेट सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय विकास, पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सिंडिकेट द्वारा स्वीकृत सभी निर्णयों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलेगी। बैठक में सिंडिकेट के माननीय सदस्यों में अशोक बादल, महेंद्र प्रताप सिंह, कौशल्या जायसवाल एवं अन्य के साथ विश्वविद्यालय के संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।