हापुड़ ज्वेलरी शोरूम हादसा: पानी समझकर शिक्षिका ने पी लिया एसिड, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

अंग इंडिया / संवाददाता / इशिता चक्रबोर्ती : हापुड़ जिले में एक ज्वेलरी शोरूम में हुई कथित लापरवाही ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खरीदारी के लिए पहुंची 23 वर्षीय एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने कथित तौर पर पानी समझकर टॉयलेट साफ करने वाला एसिड पी लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।जानकारी के अनुसार, यह घटना 11 जुलाई की शाम नगर कोतवाली क्षेत्र के अर्जुन नगर स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में हुई। शिक्षिका अपनी मां के साथ आभूषण खरीदने पहुंची थीं। खरीदारी के दौरान प्यास लगने पर उन्होंने शोरूम कर्मचारियों से पीने का पानी मांगा।

आरोप है कि एक कर्मचारी ने उन्हें प्लास्टिक की एक बोतल थमा दी, जिसे उन्होंने सामान्य पानी की बोतल समझकर उसमें से दो घूंट पी लिए। तरल पदार्थ पीते ही उनके मुंह और गले में तेज जलन शुरू हो गई और कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। शोरूम में मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बोतल में पानी नहीं, बल्कि टॉयलेट साफ करने वाला एसिड रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले इस रसायन को कथित तौर पर एक खाली पानी की बोतल में भरकर रखा गया था और वही बोतल गलती से ग्राहक को दे दी गई। चिकित्सकों के अनुसार, एसिड के कारण शिक्षिका के मुंह, गले और भोजन नली में गंभीर आंतरिक क्षति हुई है।

उनकी हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।घटना का पूरा घटनाक्रम शोरूम के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि एक कर्मचारी बोतल देता है, जिसके बाद शिक्षिका उसे पानी समझकर पी लेती हैं। कुछ ही क्षण बाद वह असहज महसूस करने लगती हैं और दर्द से तड़प उठती हैं। इसके बाद शोरूम में अफरा-तफरी मच जाती है और लोग उनकी मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं।घटना की सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर शोरूम कर्मचारियों एवं प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है।

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खतरनाक रसायनों के भंडारण और उपयोग के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि खतरनाक रसायनों को पेयजल या खाद्य पदार्थों के कंटेनरों में रखना गंभीर लापरवाही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रसायनों को हमेशा उनके मूल कंटेनर में, स्पष्ट चेतावनी वाले लेबल के साथ और सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।फिलहाल घायल शिक्षिका का उपचार जारी है। पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित लापरवाही के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।