अंग इंडिया / पूर्णियाँ : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ में स्वतंत्रता दिवस समारोह शनिवार को हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानन्द सिंह ने ध्वजारोहण किया तथा विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों एवं विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानन्द सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं राष्ट्रभक्तों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी का दायित्व है कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों एवं संविधान के मूल्यों को अपने आचरण और जीवन में आत्मसात करें।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान एवं चरित्र निर्माण का केंद्र है। इसलिए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से अपेक्षा है कि वे संविधान के मूल्यों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार एवं जीवन में भी अपनाएँ।
शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में पहल
कुलपति ने विगत डेढ़ वर्ष में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों एवं उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय को Quality Education, Transparent Administration, Fast Examination System, Better Research, Digital Services एवं अधिक Employment Opportunities की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न विषयों में 143 अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की नियुक्ति की गई, जिनमें से 129 ने योगदान दिया। कुलपति के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया को स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया तथा इस प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई। इसके अतिरिक्त 44 शिक्षकों का पुनर्नियोजन (Re-engagement) भी किया गया।

शोध एवं पीएच.डी. व्यवस्था में सुधार
विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कुलपति ने बताया कि PAT-2023 में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया तथा कोर्सवर्क परीक्षा आयोजित की गई।उन्होंने कहा कि राजभवन द्वारा 4 जुलाई 2026 को जारी नए Ph.D. Regulation 2026 के अनुरूप पीएच.डी. से संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। Ph.D. Admission के Session 2024, 2025 एवं 2026 की प्रक्रियाएँ भी नए विनियम के अनुसार संचालित की जा रही हैं। विश्वविद्यालय का लक्ष्य पीएच.डी. प्रवेश एवं पंजीयन की पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियम आधारित बनाना है, ताकि सभी योग्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को समान अवसर मिल सके।
समर्थ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल सेवाओं का विस्तार
कुलपति ने बताया कि स्नातक सत्र 2026-30 में लगभग 38,000 विद्यार्थियों का नामांकन Samarth Portal के माध्यम से किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार इसमें पुरुष, महिला एवं अन्य श्रेणी के विद्यार्थी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों का अंतिम प्रकाशन कार्यालयीय अभिलेख के अनुसार किया जाएगा।उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रवेश, पंजीयन, परीक्षा एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। Grievance Model के माध्यम से विद्यार्थी एवं आमजन घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर उसकी स्थिति एवं समाधान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अवकाश की प्रक्रिया भी Samarth Portal के माध्यम से संचालित की जा रही है।विद्यार्थियों के महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से अब तक तीन लाख से अधिक APAAR ID तैयार की जा चुकी हैं।
ग्रामीण एवं दूर-दराज के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का विस्तार
कुलपति ने कहा कि ग्रामीण एवं दूर-दराज के विद्यार्थियों को उनके घर के निकट उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 21 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय खोले गए हैं। इन महाविद्यालयों में प्राचार्य, कर्मियों एवं शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी की गई है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

महाविद्यालयों की व्यवस्था में सुधार
सभी संबद्ध महाविद्यालयों के Donors को Notification जारी कर दिया गया है, ताकि वे Governing Body Election में अपने प्रतिनिधि का चयन कर सकें। इसके अतिरिक्त Law एवं B.Ed. Colleges में University Representatives की नियुक्ति की गई है। ये प्रतिनिधि महाविद्यालयों के विकास एवं विश्वविद्यालय के साथ बेहतर समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उनका समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए University Annual Sports Calendar जारी किया गया है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष पहल
वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता को देखते हुए विश्वविद्यालय के PG Department में Mental Health Centre स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को स्वस्थ, सकारात्मक एवं सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराना है।
परीक्षा विभाग में सुधार एवं लंबित कार्यों का निष्पादन
कुलपति ने कहा कि परीक्षा विभाग को अधिक प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप Session Regularization के कार्य में तेजी आई है तथा लगभग 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों की Mark Sheets DigiLocker पर Update की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी समस्याओं एवं त्रुटियों के निराकरण के साथ पिछले सत्रों के लंबित कार्यों को भी पूरा किया गया है। Session 2021-24 एवं 2022-25 के पुराने पाठ्यक्रम की परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों की परीक्षाएँ आयोजित कर उनके परिणाम भी जारी किए जा चुके हैं।

विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर
कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर में चार Placement Drives आयोजित किए गए, जिनसे सैकड़ों विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। आने वाले समय में Placement Activities को और विस्तारित किया जाएगा।
सेवानिवृत्त कर्मियों के हित में कार्य
विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों के Pension, Gratuity एवं Earned Leave से संबंधित भुगतान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए चार Special Camps आयोजित किए गए।
Tobacco-Free एवं Safe Campus की दिशा में कदम
विश्वविद्यालय परिसर सहित सभी महाविद्यालयों को Tobacco-Free Campus बनाने की दिशा में कार्य किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही Fire Safety को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में लगे Fire Safety Systems का Upgradation किया गया है।
Teacher Training एवं Faculty Development
शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं Faculty Development को बढ़ावा देने के लिए पूर्णिया विश्वविद्यालय को Malaviya Mission Teacher Training Programme (MMTTP) के अंतर्गत Malaviya Mission Teacher Training Centre (MMTTC) के रूप में शामिल किए जाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। कुलपति ने बताया कि UGC द्वारा देशभर में चिन्हित 151 MMTTC के माध्यम से यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। पूर्णिया विश्वविद्यालय एवं Lalit Narayan Mithila University, Darbhanga को भी इस कार्यक्रम के अंतर्गत MMTTC के रूप में शामिल किए जाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं Faculty Members को आधुनिक Teaching Methods, Professional Development एवं Capacity Building के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
नए परिसर का निर्माण अंतिम चरण में
कुलपति ने विश्वविद्यालय के नए परिसर के निर्माण को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा आवंटित 37.24 एकड़ भूमि पर BSEIDC द्वारा प्रथम चरण का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसमें Administrative Building, Academic Building, Examination Building एवं Indoor Games Building का निर्माण शामिल है।उन्होंने बताया कि इन भवनों का Finishing Work चल रहा है तथा प्रथम चरण का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। Boundary Wall का कार्य भी प्रगति पर है।दूसरे चरण में कुलपति आवास, अन्य पदाधिकारियों के आवास, छात्र-छात्राओं के Hostels, Guest House, Library Building, Auditorium एवं Outdoor Games जैसी सुविधाओं के निर्माण का प्रस्ताव है।

“एक बेहतर विश्वविद्यालय” हमारा लक्ष्य
अपने संबोधन के अंत में कुलपति प्रो. विवेकानन्द सिंह ने कहा कि पिछले एक वर्ष में किए गए कार्य विश्वविद्यालय की मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत हैं। आने वाले समय में पूर्णिया विश्वविद्यालय का लक्ष्य Quality Education, Transparent Administration, Fast Examination System, Better Research, Digital Services एवं अधिक Employment Opportunities सुनिश्चित करना है।उन्होंने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान बनकर न रह जाए, बल्कि ऐसा विश्वविद्यालय बने जहाँ विद्यार्थियों को Quality Education, Technology, Research, Sports एवं Career Opportunities का बेहतर वातावरण मिल सके। अंत में कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी Officers, Principals, Teachers, Non-Teaching Employees, Students, Parents एवं विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति में पूरे University Family की सहभागिता महत्वपूर्ण है। कुलपति ने कहा, “आपका सहयोग और विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”