PAT-2024 और PAT-2025 पर बड़ा फैसला : सिंडिकेट-सीनेट से प्रस्ताव पारित कर लोक भवन से मार्गदर्शन लेने की तैयारी
पूर्णियाँ / किशन : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित विद्वत परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम विस्तार और विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में आगामी दिनों में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे को और व्यवस्थित करने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हुई बैठक की शुरुआत पिछली विद्वत परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की संपुष्टि के साथ हुई।
इसके बाद विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। परिषद ने अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में दीक्षांत समारोह आयोजित करने पर सहमति जताई है। इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के औपचारिक सम्मान का अवसर मिलेगा। बैठक में लोक भवन द्वारा तैयार किए गए आठवें सेमेस्टर के विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही आईडीपी योजना के तहत नए विषयों को शामिल करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। पाठ्यक्रमों के विस्तार को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में विविधता लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
विद्यार्थियों के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव डिग्री प्रमाण-पत्र को लेकर किया गया है। अब पूर्णिया विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को डिग्री अंग्रेजी भाषा में जारी की जाएगी। विश्वविद्यालय के स्तर पर इसे प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को एकरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।बैठक में पूर्णियाँ महिला महाविद्यालय में नए पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया गया। परिषद ने निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन करते हुए इन पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्णय लिया।
वहीं, महिला कॉलेज में संचालित सीएनडी पाठ्यक्रम को लेकर सरकार की ओर से रोक संबंधी सूचना के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार की दिशा में विश्वविद्यालय में एमएड पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को भी विद्वत परिषद ने मंजूरी की दिशा में आवश्यक निर्णय लिया। इसके शुरू होने से शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अध्ययन के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और छात्र हित से सीधे जुड़ा विषय (PAT 24 – 25) पीएचडी नामांकन से संबंधित रहा। पीएचडी के पुराने सत्रों (PAT 24 – 25) के नामांकन को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रस्ताव को सिंडिकेट और सीनेट से पारित कराने के बाद लोक भवन से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया। इस विषय को लेकर शनिवार को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में भी चर्चा प्रस्तावित है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसे छात्र हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
इसके अलावा बीबीए के रेगुलेशन में संशोधन के प्रस्ताव पर भी विद्वत परिषद में चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद संशोधित रेगुलेशन को अनुमोदित कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम और रेगुलेशन में समय-समय पर सुधार जरूरी है।कुल मिलाकर विद्वत परिषद की बैठक में दीक्षांत समारोह, नए पाठ्यक्रम, डिग्री प्रमाण-पत्र, एमएड की शुरुआत, बीबीए रेगुलेशन में संशोधन और पीएचडी नामांकन जैसे विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर निर्णय लिए गए। अब इन फैसलों के बाद सिंडिकेट और अन्य सक्षम स्तरों पर होने वाली कार्रवाई पर विद्यार्थियों और शिक्षाविदों की नजर रहेगी।