पूर्णियाँ : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय में CBCS सेमेस्टर-IV, सत्र 2024–2028 के विद्यार्थियों की CIA (Continuous Internal Assessment) परीक्षा के मूल्यांकन को लेकर छात्र नेता एवं LL.B. छात्र राजा कुमार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने तथा आवश्यक होने पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। राजा कुमार का कहना है कि सेमेस्टर-III की परीक्षा 30 मार्च 2026 को आयोजित हुई थी, जबकि इसका परिणाम 9 अगस्त 2026 को जारी किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों का नामांकन 14 से 21 अगस्त 2026 तक कराया गया। वहीं, 27 अगस्त को CIA परीक्षा आयोजित किए जाने तथा 31 अगस्त तक उसके अंक विश्वविद्यालय पोर्टल पर दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। कम समय में मूल्यांकन को लेकर सवालराजा कुमार ने CIA की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि 26 और 28 अगस्त को घोषित अवकाश के साथ-साथ रक्षाबंधन के कारण कई शिक्षक 22 अगस्त से ही मुख्यालय से बाहर थे।
ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि CIA की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कब, कहां और किस प्रक्रिया के तहत पूरा किया गया।उन्होंने कहा कि यदि उत्तरपुस्तिकाओं का नियमानुसार मूल्यांकन हुआ है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों के सामने मूल्यांकन प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि मूल्यांकन किन शिक्षकों अथवा मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा किया गया और उनके द्वारा दिए गए अंकों को किस प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर दर्ज किया गया। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला राजा कुमार ने कहा कि CIA के अंक विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणाम का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता विद्यार्थियों के बीच संदेह पैदा कर सकती है और इसका असर उनके परिणाम पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि खासकर मेधावी विद्यार्थियों के प्राप्तांकों को देखते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और रिकॉर्ड आधारित होनी चाहिए।
सेमेस्टर-IV की परीक्षा को लेकर भी सवाल
मामले को सेमेस्टर-IV की परीक्षा से जोड़ते हुए राजा कुमार ने कहा कि 8 सितंबर 2026 से सेमेस्टर-IV की परीक्षा निर्धारित है, जबकि सेमेस्टर-III में लगभग 5,000 विद्यार्थियों के प्रमोट किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में परीक्षा, मूल्यांकन और अकादमिक कैलेंडर के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन से ये मांगें छात्र नेता राजा कुमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि –
CIA की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कब और किस प्रक्रिया के तहत हुआ, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों/मूल्यांकनकर्ताओं की जानकारी स्पष्ट की जाए।
मूल्यांकन एवं अंक प्रविष्टि से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
आवश्यकता होने पर CIA की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच कराई जाए।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर उचित कार्रवाई की जाए। राजा कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सर्वोपरि है। विश्वविद्यालय प्रशासन को उठाए गए सवालों पर स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के बीच उत्पन्न शंकाओं का समाधान हो सके।