पूर्णियाँ जंक्शन के स्टेशन प्रबंधक को राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर मिले कई सम्मान

स्वच्छता, सुरक्षित रेल परिचालन, यात्री सुविधाओं और राजस्व वृद्धि में योगदान की हुई सराहना

पूर्णियाँ : पूर्णियाँ जंक्शन पर यात्री सुविधाओं के विकास, सुरक्षित रेल परिचालन, स्टेशन की स्वच्छता एवं रखरखाव, रेलवे के राजस्व में वृद्धि तथा राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में स्टेशन प्रबंधक का योगदान सराहनीय रहा है। उनके कुशल नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न वर्षों में राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में स्टेशन के बेहतर रखरखाव एवं स्वच्छता के लिए Best Kept Station Award, वर्ष 2017 में सुरक्षित रेल परिचालन एवं स्टेशन प्रबंधन के लिए Safest Station Award तथा वर्ष 2018 में उत्कृष्ट कार्यों के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पुरस्कार प्रदान किया गया।

वर्ष 2021 में स्वच्छता एवं रखरखाव के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए एक बार फिर Best Kept Station Award से सम्मानित किया गया।अप्रैल 2022 में वर्ष 2019 से 2022 के दौरान स्टेशन की आय में वृद्धि, यात्रियों की शिकायतों के निवारण और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, मालीगाँव, गुवाहाटी के महाप्रबंधक द्वारा सम्मानित किया गया। इसके बाद मई 2022 में रेलवे बोर्ड की ओर से राष्ट्रीय स्तर का National Award भी प्रदान किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, यह सम्मान रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा दिया गया था। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के चुनौतीपूर्ण दौर में पूर्णियाँ जंक्शन ने श्रमिकों के सुरक्षित आवागमन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान बिहार सरकार एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रमिक विशेष ट्रेनों का व्यवस्थित परिचालन कराया गया।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में स्टेशन पर लगभग 237 श्रमिक विशेष ट्रेनों का आगमन एवं प्रस्थान हुआ, जिनके माध्यम से करीब 11,000 से 11,500 श्रमिकों के आवागमन की व्यवस्था की गई। वहीं, खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जारी रखने के लिए लगभग 384 मालगाड़ियों का सफल परिचालन किया गया।पूर्णियाँ एवं आसपास के कृषि प्रधान क्षेत्रों की उपज को बाजारों तक पहुँचाने में भी रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, संबंधित अवधि में पूर्णियाँ जंक्शन के माध्यम से लगभग 102 रैक मक्का का लदान किया गया, जिससे रेलवे के राजस्व में योगदान मिला। इस पहल से स्थानीय कृषि उपज के परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में भी मदद मिली।स्टेशन प्रबंधन के दौरान यात्रियों की शिकायतों के निवारण, स्वच्छता, बेहतर रखरखाव, सुरक्षित रेल परिचालन और यात्री सुविधाओं में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया।

इसके साथ ही रेलवे के कार्यालयी एवं प्रशासनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रयास किए गए। वर्ष 2023 में हिंदी पखवाड़ा के दौरान हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यालयी कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया।वर्ष 2026 में संसदीय राजभाषा समिति द्वारा हिंदी में कार्य करने और इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के संबंध में सिलीगुड़ी में आमंत्रित किया गया। इसी वर्ष पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, मालीगाँव के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (पीसीओएम) द्वारा उत्कृष्ट परिचालन कार्यों के लिए भी सम्मानित किया गया।स्टेशन प्रबंधक को विभिन्न वर्षों में मिले ये सम्मान यात्री सेवा, परिचालन व्यवस्था, स्वच्छता, राजस्व वृद्धि, कृषि उपज के परिवहन, आपदा के समय जनसेवा और राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हैं। इन उपलब्धियों को पूर्णियाँ जंक्शन की सेवा-व्यवस्था, कार्यक्षमता और प्रतिष्ठा को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।