Baisakhi 2025 : बैसाखी के पावन पर्व पर शनिवार को हरिद्वार में आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु सुबह से ही हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़े, जिससे पूरे घाट क्षेत्र में तिल रखने की भी जगह नहीं बची। ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान क्रमशः तेज़ होता गया और दिन चढ़ने के साथ ही भीड़ का आलम चरम पर पहुंच गया। श्रद्धालुओं की इस भीड़ का असर दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर भी दिखाई दिया, जहां कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई मार्गों को डायवर्ट किया है और अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरा मेला क्षेत्र सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में बांटा गया है। CCTV निगरानी, ड्रोन कैमरे और पैदल गश्त के जरिए किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। भीषण भीड़ और ट्रैफिक जाम के बावजूद, श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। हर कोई गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करने और बैसाखी पर्व को श्रद्धा और उल्लास से मनाने को आतुर दिखा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि स्नान पर्व शांतिपूर्वक और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके। हरिद्वार में यह दृश्य श्रद्धा और संस्कृति की अनोखी झलक पेश करता नजर आया। Post navigationUK Board 10th, 12th Result 2025 : 19 अप्रैल को आएंगे नतीजे, बोर्ड सचिव ने दी जानकारी Jallianwala Bagh Massacre : ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता का काला अध्याय