सहरसा, अजय कुमार: जिले के महिषी प्रखंड अंतर्गत कन्दाहा सूर्य मंदिर में सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षक सेवक प्रभाकर ने कहा बिमारी जब लोगों को जकड़ लेता है डॉक्टर का उपचार कराके कराके थक जाता है तभी व्यक्ति योग के शरण में जाता है और योगाभ्यास आरंभ करता है। और बर्षों का रोग व्याधि को मिनट में छू-मंतर होने का धारणा मन में बना लेता है। आचार्य प्रभाकर: योग सभी के लिए आवश्यक है तभी तो पूरी दुनिया 21 जून को योग दिवस मनाता है। योग के लिए उपयुक्त समय शारदीय नवरात्रि,या महाशिवरात्रि से आरंभ करे। मजबूरी और लाचारी में तो समय जभी हो करें। जल प्रदूषण, वायू प्रदूषण मिलावटी सामान कीटनाशक द्वारा तैयार किया हुआ भोजन ग्रहण करने से कुपच की समस्या जिससे नाना प्रकार के रोग से पीड़ित रोगी इधर उधर दर बदर भटकते फीरता है।
ढाई दसक से योग देश के कयि प्रांत तथा बिहार के सहरसा, खगड़िया, सूपौल, पटना, बेगूसराय, दरभंगा, मधुबनी नेपाल के तराई क्षेत्र से लेकर कोसी दियारा कोसी कमिश्नरी में घूम घूम कर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा का प्रचार प्रसार किये। पहले मधुमेह के रोगी नगर बस्ति में एक दो मिलता था जबकी आज तो एक परिवार में दो तीन लोग मिलते हैं डायबिटीज के, और कयि प्रकार रोग से पीड़ित हो रहा है मानव। किडनी में स्टोन,फैटी लीवर हार्ट एटेक ब्लडप्रेशर के कारण ब्रेन हेमरेज, लकवा जैसे बीमारी से जूझ रहे हैं मानव। सूर्य-नमस्कार के साथ हीं सभी भक्तजन को योग गुरु ने कहा आगामी रविवार से नीयमीत यहां योग प्राकृतिक चिकित्सा का भी अभ्यास कराया जाएगा।
योग को नगर नगर, डगर डगर पहुंचाना हीं हमारा गुरु दक्षिणा होगा। हमारे पूज्य गुरुदेव परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती जी भारत योग यात्रा पर निकले हैं।उन्होंने कहा लोग जब बीमारी से ग्रस्त हो जाता है तभी योग आरंभ करता है। योग प्रशिक्षित गुरु के सानिध्य में सीखकर नियमित अभ्यास करने से सदैव स्वस्थ सुडौल शरीर रहेगा रोग कोसों दूर हो जाऐगा। गुरु के सानिध्य में किया गया योग निश्चित रूप से फलीभूत होती है। देखा देखी, टेलीविजन, किताब से पढ़कर योग नहीं करेंगे।कार्यक्रम को सफल बनाने में पंडित अजीत झा बाबू कान्त झा, सूर्यानंद झा, मानिक चन्द्र झा पूर्व शिक्षक, राजू नटबर सहित ग्रामीण तथा दूर-दूर से आए हुए भक्तजन शामिल हुए।



