सहरसा, अजय कुमार : मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के एनसीसी कैडेट्स द्वारा संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय एकता और संस्कृति विषय पर किया गया। संगोष्ठी का उद्घाटन महाविद्यालय के संस्थापक प्रधानाचार्य सह श्री कृष्ण विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अशोक कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ अशोक कुमार ने कैडेट को सम्बोधित करते कहा कि राष्ट्रीय एकता और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। जहाँ संस्कृति विविध परंपराओं, भाषाओं और खान-पान के माध्यम से लोगों को जोड़ती है। वहीं राष्ट्रीय एकता साझा पहचान, मूल्यों और भाईचारे की भावना से देश को भौगोलिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाती है।
जिससे एक शक्तिशाली और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है।जिसमें शिक्षा और साझा उद्देश्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनहोंने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीन संस्कृतियों में से एक है, जो वसुधैव कुटुम्बकम् के विचार को बढ़ावा देती है। डॉ अशोक ने कहा कि एकजुट और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझदारी दोनों आवश्यक हैं। हमें उन शक्तियों से सावधान रहना चाहिए जो फूट डालने का प्रयास करती हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम सद्भाव, सम्मान और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दें।सिण्डिकेट सदस्य सह एनसीसी पदाधिकारी मेजर डॉ गौतम कुमार ने कहा भारत की संस्कृति एवं परम्परा राष्ट्रीय एकता और अखंडता का आधार है । ऐसा इसलिए भी क्यों कि किसी देश की एकता ही उस देश के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
लोक संस्कृति किसी भी देश की राष्ट्रीय एकता को बल प्रदान करती है।उनहोंने कहा कि भारत जैसे देश में विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और जातियों के लोग रहते हैं और राष्ट्रीय एकीकरण का उद्देश्य न केवल उन्हें एक साथ बांधना है, बल्कि उन्हें रहने और समृद्ध होने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करना भी है। राष्ट्रीय एकीकरण देश की स्थिरता बनाए रखने और उसके विकास में मदद करता है।उनहोंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स यह प्रण लें कि हम राष्ट्रीय एकता के संदेश को हर कोने में फैलाएँगे और एक मजबूत, एकजुट और गौरवशाली भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे।इस अवसर पर कैडेट्स अनुराधा कुमारी,सृष्टि कुमारी, प्रति कुमारी, गौरव कुमार, आनंदराज, अमित कुमार,सिंपल कुमारी आदि ने सम्बोधित किया।



