पूर्णिया: पूर्णिया स्थित भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में राजस्थान सरकार के उद्यान विभाग द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय अंतर्राज्यीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 19 अगस्त से हुई। यह कार्यक्रम बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह के निर्देश पर आयोजित किया गया है, जिसमें राजस्थान के बॉसबाड़ा जिले से आए 40 अधिकारी और प्रगतिशील किसान भाग ले रहे हैं।
मखाना उत्पादन पर आधारित इस प्रशिक्षण के पहले दिन उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. अनिल कुमार सिंह, निदेशक अनुसंधान, बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने मुख्य अतिथि के रूप में मखाने की आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देशभर में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, और जीआई टैग मिलने के बाद इसकी अंतरराष्ट्रीय मांग में वृद्धि हुई है।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन कर डॉ. सिंह, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. के. महतो, श्री दलसिंह गरासिया (उप निदेशक, उद्यान, बॉसबाड़ा) और श्री बादामी लाल निनामा (सहायक निदेशक, उद्यान, बॉसबाड़ा) ने संयुक्त रूप से किया। डॉ. महतो ने राजस्थान के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि वहां की भौगोलिक भिन्नता के बावजूद कुछ क्षेत्र मखाना उत्पादन के अनुकूल हैं।

प्रशिक्षण के दौरान मखाना उत्पादन, प्रोसेसिंग, और मूल्य संवर्धन पर सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों श्री संघर्ष कटारा और श्री पंकज बामनिया को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सह-आयोजन सचिव डॉ. आशीष रंजन ने बताया कि प्रतिभागियों के आवास, प्रशिक्षण और परिभ्रमण की उत्तम व्यवस्था की गई है। डॉ. रणवीर कुमार ने मंच संचालन और डॉ. अनिल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर कई वैज्ञानिक, शिक्षक, महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी और ईएलयू-मखाना के छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।



