पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: रूपौली एवं बिरौली की अतिक्रमित सरकारी जमीन खाली होते ही एकओर जहां ये जगहें खुबसूरत दिखने लगी हैं, वहीं दूसरी ओर यहां के लोगों का बदरंग चेहरा भी सामने आया है कि किस तरह उनके द्वारा एसएच 65 के किनारे खाली जमीन एवं बिरौली बाजार की खाली जमीन पर अतिक्रमण कर, उसे भाडे पर लगा देते थे। यह बता दें कि प्रशासन ने शुक्रवार को मुख्यालय के एसएच 65 के किनारे एवं बिरौली बाजार की अतिक्रमित जमीन को खाली करवाया था।
इस अतिक्रमण ने रूपौली एवं बिरौली को बदसूतर बना डाला था। इससे एकओर जहां यातायात प्रभावित होता था तथा हमेशा दुर्घटनाएं होती रहती थीं, वहीं बिरौली बाजार की सडक तो दुकानदारों द्वारा पगडंडी की तरह बना डाला था। इस अतिक्रमण के पीछे एक काला सच भी देखने को मिला है। यहां के अतिक्रमण हटते ही विस्थापित गरीब लोगों ने बडा खुलासा करते हुए बताया कि स्थानीय लोग एसएच 65 एवं बिरौली की सरकारी जमीन को जानबूझकर अतिक्रमित करते थे तथा उस जमीन को भाडा पर लगाते थे। मुख्यालय में पशासन के नाक के नीचे तथा प्रखंड गेट के सामने सरकारी जमीन का अतिक्रमित कर भाडा लगा हुए थे। प्रत्येक माह उन्हें वे निर्धारित भाडा देते थे।
आश्चर्य तो यह है कि ऐसा सब सरेआम हो रहा था, परंतु प्रशासन को खबर तक नहीं था, या फिर वह अनदेखी कर दिया करता था। कुल मिलाकर प्रशासन ने अतिक्रमण तो हटा दिया है, परंतु यह अतिक्रमणमुक्त कबतक रहेगा, इसका किसी को पता नहीं है। इससे पहले भी दो-दो बार अतिक्रमण हटाया गया है, परंतु कुछ ही दिनों बाद फिर से पूरी जमीन को अतिक्रमण कर लिया गया था। कुल मिलाकर अतिक्रमण से तो दोनों जगहों का चेहरा खुबसूरत तो दिखने लगा है, परंतु यह कबतक खुबसूरत रहेगा, यह आनेवाला समय ही बताएगा।



