सहरसा, अजय कुमार: जिले के नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत यूज्ड वाटर मैनेजमेंट योजना के अंतर्गत एसटीपी सह एफएसटी प्लांट का निर्माण किया जाएगा। एक लाख से कम आबादी वाले नगर निकायों में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर चयनित कंपनियों द्वारा सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर में ओडिशा की एमएस इकोमेट्रिक्स कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विभिन्न वार्डों में जाकर जमीन स्तर पर सर्वे किया जा रहा है। इस संबंध में नगर सभापति प्रतिनिधि हसन आलम ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी प्लांट को लेकर सर्वे किया जा रहा है। प्लांट के स्थापित हो जाने के बाद नगर परिषद क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े नल कनेक्शन को एसटीपी प्लांट से जोड़ा जाएगा।
शहर का गंदा पानी प्लांट में शुद्ध होकर उपयोगी बनाया जाएगा, जिसे कृषि कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की यह योजना सिमरी बख्तियारपुर के लिए एक बड़ी सौगात है। नगर उप सभापति प्रतिनिधि विकास कुमार विक्की ने कहा कि एसटीपी सह एफएसटी प्लांट के बन जाने से शहर में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। इससे शहरवासियों को जलजमाव से जल्द राहत मिलेगी और स्वच्छता व्यवस्था में भी सुधार होगा। कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास ने बताया कि सर्वे का कार्य पूर्ण होने के बाद डीआरआर बनाकर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। डीपीआर तैयार होने के उपरांत योजना की टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि भूमि उपलब्धता को लेकर संबंधित अंचलाधिकारी को पत्राचार किया गया है।
अंचलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया है की परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही है। नगर परिषद क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी योजना के लागू होने से न सिर्फ स्वच्छता और जल प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस प्लांट को दो हिस्से में बांटा गया है। एक रेलवे लाइन से बबुजना घाट तक,दूसरा रेलवे लाइन से पश्चिम सभी वार्डों को जोड़ते हुए खमहौती तक।दोनों प्लांट के लिए अंचल अधिकारी से 6-6 एकड़ जमीन की मांग की गई है। सर्वेक्षण टीम में सुमित कुमार, नीरज कुमार, पंकज कुमार, तौहीद कुमार मौजूद रहे।



