PURNIA NEWS,अभय कुमार सिंह : एपवा द्वारा सोमवार को राष्ट्रव्यापी विरोध मार्च निकाला, इसी के तहत रुपौली प्रखंड मुख्यालय में भी एपवा द्वारा विरोध मार्च निकाला गया। जिसकी अगुवाई एपवा की जिला संयोजक कां सुलेखा देवी और संगीता देवी कर रही थीं । मार्च खादी भंडार से निकल कर ब्लांक रोड,नया बाजार होते हुए थाना चौक पर सभा में तब्दील हो गया। इस सभा को सम्बोधित करते हुए कां सुलेखा देवी ने कहा कि 15 दिसंबर को बिहार के मुख्यमंत्री एक महिला को नियूक्ति पत्र देने के दौरान सरेआम उसका नकाब खींचना बेहद शर्मनाक घटना है।यह उस डाक्टर महिला के धार्मिक पहचान और संवैधानिक अधिकार पर हमला है। एपवा इस घटना की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने मांग की कि महिला डाॅक्टर का नकाब खींचने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मांफी मांगें, धार्मिक पहचान पर हमला बंद करो, हर स्त्री का अपमान नहीं, सम्मान करो, गिरिराज सिंह जैसे नफरती समाज के लिए कलंक इस्तीफा दो।
उन्होंने कहा कि आज ही राष्ट्रव्यापी खेत मजदूर संगठन खेग्रामस के द्वारा मनरेगा को समाप्त करने की योजना मोदी सरकार के खिलाफ विरोध मार्च भी संयूक्त रुप से निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व जिला नेता कां चतुरी पासवान ने किया।इस प्रोग्राम में सैकड़ों मजदूरों ने भाग लिया। कां चतुरी पासवान ने अपने सम्बोधन में कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन की नई सरकार बनने के बाद बिहार में भूमिहीन मजदूरों की घरों पर राज्य सरकार के द्वारा बुलडोजर राज के खिलाफ पुरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा। मोदी सरकार मनरेगा को लम्बे समय से खत्म करने की योजना चला रही थी।कम मजदूरी,देर से भुगतान,जाॅब कार्ड निरस्त करना,काम देने में आनाकानी करते रहा है। संवैधानिक रोजगार गारंटी योजना को सदा के लिए समाप्त कर काॅर्पोरेटस कंपनियों को सस्ता मजदूर मिल सके। उन्होंने सरकार से मांग की कि मनरेगा कानून वापस लो, रोजी- रोजगार सुरक्षा की गारंटी करो, बिहार में बुलडोजर राज बंद करो और गरीबों को वास -आवास का प्रबंध करो, गरीबों को उजाड़ना बंद करो, सभी गरीब दलित बस्तियों को नियमित करो। इस जन-विरोधी सरकार के खिलाफ व्यापक गोलबंदी करते हुए आंदोलन तेज करना समय की मांग है। इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे ।



