ARARIA NEWS,प्रिंस(अन्ना राय) ; समाज कल्याण विभाग, अररिया के बुनियाद केंद्र की ओर से “सुरक्षित शुक्रवार” के अवसर पर एक विशेष और महत्वपूर्ण पहल की गई। अररिया सदर और फारबिसगंज अनुमंडलों में दिव्यांगजन भाइयों और बहनों के लिए एक दिवसीय आपदा सुरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें किसी भी आपदा की स्थिति में अपनी और अपने आस-पास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना था।
प्रशिक्षण में दिखा शानदार उत्साह और भागीदारी
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिव्यांगजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अररिया सदर में 41 और फारबिसगंज में 38 लाभार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रतिभागियों ने न केवल गहरी रुचि दिखाई, बल्कि अभ्यास के दौरान सिखाए गए तकनीकों का प्रयोग कर अपनी तत्परता का भी परिचय दिया।
“दिव्यांगजन अब आपदा प्रबंधन के सक्रिय सहयोगी” – नवीन कुमार नवीन
जिला प्रबंधक, सक्षम, समाज कल्याण विभाग, अररिया, नवीन कुमार नवीन ने अपने संबोधन में दिव्यांगजनों के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा, “आपदा किसी की कमजोरी या ताकत नहीं देखती, लेकिन तैयारी हमें विपत्ति को अवसर में बदलने की शक्ति देती है। नवीन ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि हम दिव्यांगजनों को सहायता लेने वाले नहीं, बल्कि सुरक्षा देने वाले के रूप में देखें। उन्होंने प्रतिभागियों से इस ज्ञान को पंचायत और बुनियाद स्तर पर जागरूकता फैलाने का दायित्व निभाने का भी आग्रह किया। उन्होंने एसडीआरएफ (SDRF) टीम का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके अनुभव और विशेषज्ञता ने दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास जगाया और उन्हें आपदा प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा बनाया।
एसडीआरएफ ने सिखाए जीवन बचाने के तरीके
एसडीआरएफ टीम के कमांडर, जितेन्द्र कुमार, ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण व्यक्ति को घबराहट नियंत्रित कर सही कदम उठाने की शक्ति देता है। प्रशिक्षण में नदी या पोखर में डूबने से बचाव, ठनका (बिजली गिरने) से सुरक्षा, भूकंप में सुरक्षित स्थान की पहचान, और सर्पदंश एवं हृदय आघात जैसी आपात स्थितियों में समय पर सही निर्णय लेने की तकनीकें सिखाई गईं। जितेन्द्र कुमार ने विशेष रूप से CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) का व्यावहारिक प्रदर्शन कर सिखाया कि कैसे साधारण प्रयास किसी की जिंदगी बचा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि “आपमें से हर कोई अब अपने गांव-मोहल्ले में एक प्रशिक्षित आपदा सहयोगी है।”
मुख्य प्रशिक्षण बिंदु: विशेष आवश्यकताओं पर रहा ध्यान
कार्यक्रम को दिव्यांगजन प्रतिभागियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया था। प्रमुख रूप से इन विषयों पर जानकारी और व्यावहारिक अभ्यास कराया गया:जल दुर्घटनाओं से बचाव: बाढ़ और जल निकायों में सुरक्षित रहने के उपाय और दूसरों की मदद करना। प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा: थनका (बिजली) और भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थानों की पहचान और निकासी की रणनीति।
स्वास्थ्य आपातकाल: सर्पदंश पर प्राथमिक उपचार और CPR तकनीक का अभ्यास। सहायक उपकरणों का प्रयोग: व्हीलचेयर, ब्रेल, संकेत भाषा, रैम्प और सहायक एप्स (स्पीच-टू-टेक्स्ट, स्क्रीन रीडर) की जानकारी। संवेदनशीलता और आत्मनिर्भरता: यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगजन आपदा प्रबंधन में सक्रिय सहयोगी बन सकते हैं। इस महत्वपूर्ण पहल में अररिया सदर से करुण कुमार, तरन्नुम निगार, कुमार साहेब और फारबिसगंज से राजा साहेब, अनिल कुमार, राजेश कुमार सहित एसडीआरएफ टीम के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



