पूर्णिया: अमरनाथ तिवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आज बिहार में सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाना ही सबसे बड़ा “अपराध” बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की भूमिका निभाने वाले जनप्रतिनिधियों को पहले जेल भेजा जाता है और फिर बेल मिलने के बाद भी उन्हें विभिन्न तरीकों से परेशान किया जाता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। तिवारी ने कहा कि पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।
छात्र-छात्राओं की समस्याओं, बढ़ते हत्याकांड, शोषण और बलात्कार जैसे मुद्दों पर आवाज उठाना यदि अपराध माना जाएगा तो जनप्रतिनिधियों की भूमिका ही क्या रह जाएगी। उन्होंने कहा कि सांसद ने न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए संसद सत्र समाप्त होने के बाद स्वयं पटना पहुंचकर कानून का पालन किया, इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित मानते हुए कड़े शब्दों में इसकी निंदा करती है।
वहीं कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता जवाहर किशोर उर्फ रिंकू यादव, पूर्व अध्यक्ष रंजन सिंह, आश नारायण चौधरी, मो. अलीमुद्दीन एवं अफरोज खान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि पूरे बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राजधानी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हत्या, लूट और अराजकता की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सरकार “मंगल राज” का भ्रम फैलाने में जुटी है। नेताओं ने मांग की कि राज्य के गृह मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक जोरदार हल्ला बोल आंदोलन करेगी।


