BIHAR POLITICS : जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि यह जन सुराज की ताकत है, जिसने बिहार से पलायन के मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श बना दिया है। उन्होंने दावा किया कि जैसे बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाने की उनकी मांग पूरी हुई, वैसे ही अब पलायन का मुद्दा भी राजनीति के केंद्र में है। किशोर ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर घुसपैठ की समस्या है तो इसके लिए ज़िम्मेदार खुद केंद्र सरकार और नीतीश कुमार की राज्य सरकार हैं।
साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुराज की सरकार बनने पर शराबबंदी कानून तत्काल समाप्त किया जाएगा, 60 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों को दो हज़ार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी, “पलायन रोक विभाग” बनाया जाएगा ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके, और गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी।



