जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत नालसा (ASHA–Awareness, Support, Help & Action) मानक संचालन प्रक्रिया “बाल विवाह से मुक्ति की ओर अग्रसर, 2025” के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर 100 दिवसीय कार्ययोजना अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया के सभागार में आयोजित हुई, जिसमें आंगनबाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक शामिल हुए।
कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन श्री सुनील कुमार, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया, श्री आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा श्री सुमित प्रकाश, अध्यक्ष समिति, पूर्णिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर श्री सुनील कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए कोढ़ के समान है और इसके उन्मूलन के लिए सभी विभागों एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल-जुलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं कानूनी दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी।
वहीं श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बाल विवाह को रोकने, स्थगित कराने एवं रद्द कराने की प्रक्रिया के साथ-साथ इसे बढ़ावा देने या सहयोग करने पर दंडात्मक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम के लिए मजबूत बाल संरक्षण तंत्र एवं अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मीगण उपस्थित रहे।



